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अर्थव्यवस्था में 12 प्रतिशत गिरावट संभव : यूबीएस

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Last Updated- December 12, 2022 | 3:35 AM IST

कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर को काबू में करने के लिए राज्यों के अप्रैल और मई में लगाए गए ‘लॉकडाउन’ से चालू वित्त वर्ष 2021-22 की जून तिमाही में अर्थव्यवस्था में 12 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
स्विट्जरलैंड की ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया ने एक रिपोर्ट में कहा है कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 में 12 प्रतिशत की गिरावट से इस बार अर्थव्यवस्था में वी (गिरावट के बाद तीव्र गति से वृद्धि) आकार में वृद्धि मुश्किल होगी, जैसा कि पिछली बार राष्ट्रीय स्तर पर ‘लॉकडाउन’ हटने के बाद देखा गया था। उसने कहा कि इसका कारण इस बार उपभोक्ता धारण कमजोर बनी हुई है क्योंकि लोग पिछले साल के मुकाबले महामारी की दूसरी लहर के असर को देखकर काफी चिंतित हैं।
स्विस ब्रोकरेज कंपनी की अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने यूबीएस इंडिया के आंतरिक आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि जो भी संकेतक है, वह जून 2021 को समाप्त तिमाही में अर्थव्यवस्था में 12 प्रतिशत की गिरावट का संकेत देते हैं। यह स्थिति तब है, जब विभिन्न राज्यों में मई के अंतिम सप्ताह से स्थानीय स्तर पर लगी पाबंदियों में ढील से 13 जून को समाप्त सप्ताह में संकेतक साप्ताहिक आधार पर 3 प्रतिशत बेहतर होकर 88.7 पर रहा। हालांकि ब्रोकरेज कंपनी ने जून से मासिक आधार पर आर्थिक गतिविधियां बेहतर रहने की उम्मीद जताई है। लेकिन अर्थव्यवस्था में गति संभवत: दूसरी छमाही से ही देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि 2020 में गिरावट के बाद तीव्र गति से वृद्धि देखने को मिली थी, लेकिन इस बार उस तरह की संभावना नहीं है। इस बार अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार होगा, क्योंकि उपभोक्ताओं की धारणा कमजोर है।

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First Published - June 17, 2021 | 9:06 PM IST

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