facebookmetapixel
Advertisement
फरवरी में FPI निवेश 17 महीने के हाई पर, करीब तीन साल बाद म्युचुअल फंड बने शुद्ध बिकवालSEBI का सख्त आदेश: सोशल मीडिया सामग्री के लिए पहचान का खुलासा अनिवार्यSEBI का बड़ा फैसला: गोल्ड-सिल्वर वैल्यूएशन अब घरेलू स्पॉट प्राइस से तय होगाबदलेंगे स्मार्टफोन PLI नियम! अगले चरण में उत्पादन के बजाय लोकल वैल्यू-एडिशन को मिल सकती है प्राथमिकताRBI के स्पष्टीकरण से UPI लेनदेन पर राहत, PhonePe-Paytm को बड़ा फायदाटैरिफ पर अनिश्चितता के बीच हॉवर्ड लटनिक और पीयूष गोयल में ‘सार्थक’ बातचीतएंटरप्राइज एआई में तेजी से बढ़त: यूनिफोर को भारत में दिख रहीं अपार संभावनाएंiPhone के ग्लोबल उत्पादन का 30% भारत में होने की संभावना, Apple की रणनीति में बदलाव की उम्मीद नहींस्टार्टर तकनीक के लिए सेडेमैक की नजर ग्लोबल बाजार पर, टीवीएस-बजाज के बाद विदेशी OEM से बातचीत तेजकीमत बनी सबसे बड़ा फैक्टर: भारतीय ग्राहक 15 लाख के भीतर कार पसंद कर रहे, हाइब्रिड की मांग बढ़ी

अदाणी ने अमेरिकी निवेश को फिर से किया सक्रिय, निवेशक शेयरों पर रखें नजर

Advertisement

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के चुनाव के बाद से समूह ने परमाणु ऊर्जा और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं में पैसा लगाने की संभावित योजनाओं को दोबारा सक्रिय किया है।

Last Updated- March 02, 2025 | 10:20 PM IST
Adani Group

अदाणी समूह ने अमेरिका में बुनियादी ढांचे के बड़े निवेश वाली योजनाओं को दोबारा सक्रिय कर दिया है। अमेरिका में समूह के संस्थापक पर रिश्वत का आरोप लगाया गया है। फाइनैंशियल टाइम्स ने रविवार को यह खबर दी है।

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के चुनाव के बाद से समूह ने परमाणु ऊर्जा और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं में पैसा लगाने की संभावित योजनाओं को दोबारा सक्रिय किया है और साथ ही पूर्वी तट बंदरगाह की एक परियोजना को भी। समूह के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अदाणी के करीबी चार लोगों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

न्यू यॉर्क में संघीय अभियोजकों ने नवंबर में गौतम अदाणी पर अदाणी ग्रीन एनर्जी द्वारा उत्पादित बिजली खरीदने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगाते हुए अभियोग शुरू किया था। फाइनैं​शियल टाइम्स ने अदाणी के करीबी शख्स के हवाले से कहा, ‘हम जानते हैं कि हम क्या करना चाहते हैं, लेकिन हम यह (मामला) सुलझने तक इंतजार करेंगे।’

अदाणी समूह ने कहा है कि ये आरोप ‘बे​बुनियाद’ हैं और वह ‘सभी संभावित कानूनी उपाय अपनाएगा। उसने फाइनैं​शियल टाइम्स की खबर पर टिप्पणी के लिए रॉयटर्स के अनुरोध का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। अखबार ने कहा कि समूह पहले से ही संभावित साझेदारी के संबंध में अमेरिकी कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा था और टेक्सस में पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश की संभावना भी तलाशी थी।  नवंबर में ट्रंप की चुनावी जीत के बाद गौतम अदाणी ने कहा था कि समूह ने अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 10 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है, जिससे 15,000 रोजगार पैदा होने की संभावना है। 

ट्रंप ने ऊर्जा कंपनियों के लिए अमेरिकी धरती  पर ड्रिलिंग और पाइपलाइनों का निर्माण आसान बनाने का प्रण लिया है। फाइनैं​शियल टाइम्स ने एक अन्य सूत्र का हवाला देते हुए कहा, ‘ट्रंप के आने के बाद, हमने कुछ योजनाओं को फिर से सक्रिय कर दिया है।’

Advertisement
First Published - March 2, 2025 | 10:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement