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ओमीक्रोन के लिए टीके पर काम शुरू

Last Updated- December 11, 2022 | 11:08 PM IST

सार्स-कोव-2 वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट पर दुनिया का ध्यान आकर्षित होने के साथ ही भारतीय टीका निर्माताओं का कहना है कि मौजूदा टीकों को अधिक प्रभावी बनाना संभव है। वास्तव में जायडस कैडिला ओमीक्रोन सीक्वेंस का उपयोग करते हुए एक डीएनए टीका पहले से ही तैयार कर रही है लेकिन उसे तत्काल लोगों तक नहीं पहुंचाया जा सकेगा।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा, ‘कोविड के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बारे में कुछ भी टिप्पणी करना फिलहाल जल्दबाजी होगी। ऑक्सफर्ड के वैज्ञानिक लगातार अनुसंधान कर रहे हैं और उनके निष्कर्षों के आधार पर हम एक नया टीका तैयार करेंगे जो छह महीने के समय में बूस्टर खुराक का काम करेगा।’
अहमदाबाद की कंपनी जायडस कैडिला ओमीक्रोन सिक्वेंस का उपयोग करते हुए अपने डीएनए टीके का एक नया संस्करण विकसित कर रही है। जायडस कैडिला के प्रबंध निदेशक शार्विल पटेल ने कहा, ‘फिलहाल यह कहने के लिए पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं कि इस वेरिएंट से निपटने के लिए हमें एक नए टीके की जरूरत होगी। हालांकि हम अपनी तैयारी कर रहे हैं। जब तक यह स्ट्रेन गंभीर या घातक नहीं होता, तब तक हमें कोई नया टीका तैयार करने की खास जरूरत नहीं होगी।’ जायडस को किसी प्रयोगशाला उत्पाद यानी टीके को तैयार करने में करीब आठ सप्ताह की जरूरत होगी लेकिन उसे तुरंत क्लीनिकल परीक्षण के चरण में नहीं ले जाया जा सकेगा।
भारत को फिलहाल यह निर्णय लेना बाकी है कि वह अपनी आबादी के लिए बूस्टर खुराक की अनुमति देगा अथवा नहीं। इस मुद्दे पर अगले सप्ताह एक बैठक होने की उम्मीद है।
इस बीच पूनावाला ने कहा कि यदि बूस्टर खुराक की अनुमति दी जाती है तो एसआईआई उसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘हमारे परिसर में कई करोड़ खुराक उपलब्ध है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए करीब 20 करोड़ खुराक उपलब्ध है। बूस्टर खुराक की अनुमति के लिए हमारे पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।’
जायडस कैडिला ओमीक्रोन
वेरिएंट के अलावा मल्टी-वेरिएंट कोविड-19 टीके का पशुओं पर परीक्षण भी कर रही है।
डीएनए-प्लाज्मिड प्लेटफॉर्म अपेक्षाकृत आसान है और उसमें कम समय लगता है। इसमें केवल स्ट्रेन के सीक्वेंस में बदलाव करने की जरूरत होती है जबकि टीके का पूरा ढांचा, पूरा मॉडल और पूरी प्रक्रिया समान रहती है।
टीका बनाने वाली हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने फिलहाल अपनी योजनाओं का खुलासा नहीं किया लेकिन कहा कि कंपनी नए वेरिएंट्स पर लगातार शोध कर रही है। कंपनी ने कहा, ‘कोवैक्सीन को मूल वुहान वेरिएंट के खिलाफ विकसित किया गया था और अब पाया गया है कि यह डेल्टा वेरिएंट सहित अन्य वेरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी है। हम नए वेरिाएंट्स पर लगातार शोध कर रहे हैं।’
वैश्विक टीका विनिर्माता भी ओमीक्रोन वेरिएंट के लिए अपनी योजनाओं का खुलासा किया है। उदाहरण के लिए, फाइजर ने कहा है कि वह नए ओमीक्रोन वेरिएंट को लक्ष्य करते हुए अपने कोविड टीके का नया संस्करण तैयार करने की दिशा में काम पहले ही शुरू कर दिया है। वह ओमीक्रोन वेरिएंट पर अपने मौजूदा टीके का परीक्षण कर रही है।
मॉडर्ना ने भी कहा है कि वह नए वेरिएंट के खिलाफ एक बूस्टर खुराक विकसित कर रही है।

First Published - December 2, 2021 | 12:01 AM IST

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