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बहुत कीमती खनिज पर Vedanta Group की नजर; अभी तक होता है आयात

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इस खनिज के लिए भारत आयात पर निर्भर है, जो मुख्य रूप से रूस, कनाडा, बेलारूस, इजराइल जैसे देशों से होता है।

Last Updated- April 27, 2025 | 6:09 PM IST
Vedanta Demerger

वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) पोटाश खनन क्षेत्र में उतरने की योजना बना रही है और राजस्थान के एक ब्लॉक पर नजर गड़ाए हुए है, जहां लिथियम भंडार होने की भी अच्छी संभावना है। यह जानकारी कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।
भारत पोटाश के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है और इस निर्भरता को कम करने के उपायों पर काम कर रहा है। भारत का पोटाश आयात मुख्य रूप से रूस, कनाडा, बेलारूस और इजराइल जैसे देशों से होता है।

हिंदुस्तान जिंक अब बेस मेटल्स—जिंक और लेड—और कीमती धातु चांदी से आगे बढ़कर उन सभी क्रिटिकल मिनरल्स में विस्तार करने की योजना बना रही है, जो कंपनी के रणनीतिक हित में हैं। कंपनी को राजस्थान में डुगोचा गोल्ड ब्लॉक का पसंदीदा बोलीदाता घोषित किया गया है, जिससे कीमती धातुओं के पोर्टफोलियो में विस्तार हुआ है।

क्या कहा CEO ने

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के CEO अरुण मिश्रा ने कहा, “हमने गोल्ड ब्लॉक हासिल किया है, टंगस्टन ब्लॉक भी मिला है। यानी हिंदुस्तान जिंक अब सिर्फ जिंक, लेड और सिल्वर तक सीमित नहीं रहेगी। हम सभी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिजों में विस्तार करेंगे, जिसमें पोटाश भी शामिल है। राजस्थान में पोटाश मौजूद है और वहां लिथियम के भी जुड़े होने की संभावना है, जिसे हम देखेंगे।” कंपनी को आंध्र प्रदेश में बलेपलयम टंगस्टन ब्लॉक भी आवंटित किया गया है।

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हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के CEO मिश्रा ने बताया कि कंपनी देशभर में हो रही सभी खनिज ब्लॉक्स की नीलामी में भाग लेने की तैयारी कर रही है। उनकी सहायक कंपनी हिंदमेटल एक्सप्लोरेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इस दिशा में पूरी तरह सक्रिय है। यह इकाई विशेष रूप से रणनीतिक और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि वे (कंपनी) भारत की सबसे बड़ी निजी एक्सप्लोरर कंपनी बनकर उभरेंगी।”

मार्च 2025 को समाप्त तिमाही में 3,003 करोड़ रुपये लाभ

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) ने शुक्रवार को मार्च 2025 को समाप्त तिमाही में 47.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3,003 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया। कंपनी ने पिछले साल इसी तिमाही में 2,038 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया था। यह वृद्धि रिकॉर्ड मेटल वॉल्यूम और कम उत्पादन लागत के चलते संभव हुई है।

40 से अधिक देशों को आपूर्ति

HZL दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत जिंक उत्पादक है और वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच सिल्वर उत्पादकों में शामिल है। कंपनी 40 से अधिक देशों को आपूर्ति करती है और भारत के प्राइमरी जिंक बाजार में लगभग 77 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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First Published - April 27, 2025 | 6:08 PM IST

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