कारोबारी सत्र में अब तक के सर्वोच्च स्तर को छूने के बाद खुदरा क्षेत्र की दिग्गज एवेन्यू सुपरमाट्र्स (डी-मार्ट) का शेयर 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया। इसकी वजह बाजार की उम्मीद के मुकाबले मार्जिन के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन है, हालांकि राजस्व की रफ्तार मजबूत रही है।
सबसे बड़ी चिंता हालांकि उसके मूल्यांकन को लेकर है, जो महंगा है। यह शेयर वित्त वर्ष 2022-23 के आय अनुमान के 124 गुने पर कारोबार कर रहा है जबकि इस क्षेत्र का औसत 65 गुना है।
ऐक्सिस कैपिटल के विश्लेषक आनंद शाह ने कहा है कि मौजूदा कीमत पर एमकैप-स्टोर व एमकैप-वर्गफीट क्रमश: 18.7 करोड़ डॉलर और 4.8 अरब पर यह शेयर कारोबार कर रहा है, जो वॉलमार्ट के मुकाबले 5 से 13 गुना प्रीमियम पर है। यह वॉलमार्ट के दिसंबर 1999 के सर्वोच्च मूल्यांकन 48 करोड़ डॉलर प्रति स्टोर से 4 गुना प्रीमियम पर है।
सोमवार को तेज गिरावट के बावजूद पिछले तीन महीने में 49 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है और साल की शुरुआत के मुकाबले 133 फीसदी ऊपर है। जिन्हें फायदा हुआ है उनमें कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी एन नोरोन्हा हैं, जिनके पास कंपनी की 2.02 फीसदी हिस्सेदारी है और इसकी कीमत अभी 6,400 करोड़ रुपये है।
ज्यादातर ब्रोकरेज ने अपनी रेटिंग घटा दी है क्योंकि शेयर की कीमतों में भारी उछाल आई है। कोटक इंस्टिट््यूशनल इक्विटीज ने ऑफलाइन में काफी बढ़त व डीमार्ट रेडी की अलग वैल्यू के कारण शेयर की उचित कीमत बढ़ा दी है, लेकिन फर्म की गरिमा मिश्रा व शुभांगी निगम का मानना है कि यह शेयर सही क्रियान्वयन व सीमित प्रतिस्पर्धा को समाहित कर रहा है।
कंपनी ने हालांकि सकल व परिचालन लाभ के स्तर पर मार्जिन में विस्तार किया है लेकिन यह बाजार के अनुमानों के मुताबिक नहीं रहा। गैर-जरूरी या जनरल मर्केंडाइज की हिस्सेदारी में सुधार सकारात्मक है, हालांकि यह सकल मार्जिन को 14.3 फीसदी से ऊपर नहीं ले जा रहा है, वहीं विश्लेषक 14.6 से 15.1 फीसदी का दायरा मानकर चल रहे थे।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने कहा है कि उम्मीद से कम सकल मार्जिन बताता है कि गैर-जरूरी वस्तुओं का योगदान कोविड महामारी के पूर्व के मुकाबले कम है, हालांकि उसमेंं सुधार हो रहा है। लागत पर सख्त नियंत्रण से हालांकि कंपनी को फायदा हुआ है और वह परिचालन लाभ मार्जिन में 253 आधार अंक की बढ़ोतरी कर उसे 8.8 फीसदी पर ले जाने में कामयाब रहा।
राजस्व के मोर्चे पर बढ़त की रफ्तार हालांकि स्टोर के जुड़ाव व प्रति वर्गफीट ज्यादा राजस्व के कारण 46.6 फीसदी पर मजबूत रही। कंपनी ने तिमाही में आठ स्टोर खोले और वित्त वर्ष 22 की पहली छमाही में स्टोर की कुल संख्या 12 पर पहुंचा दी, वहीं कुल स्टोर की संख्या 246 हो गई।
प्रति वर्गफीट राजस्व कुल मिलाकर दो साल पहले के 90 फीसदी के स्तर पर है। परिचालन के गैर-प्रतिबंधित घंटे के कारण लोगों की बढ़ती आवाजाही, मांग आदि के कारण राजस्व की रफ्तार और प्रति स्टोर मैट्रिक्स अगली कुछ तिमाहियों में महामारी के पूर्व स्तर पर पहुंचने की संभावना है।