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असंगठित सिकुड़ा, संगठित बाजार बढ़ा

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:16 AM IST

ऐसा लगता है कि कोविड-19 महामारी ने बड़ी कंपनियों को एक तरह से सहारा दिया है। उनमें से ज्यादातर की बिक्री मात्रा, बाजार हिस्सेदारी और मार्जिन में सुधार हुआ है क्योंकि वे प्रतिस्पर्धियों से आगे रहने के लिए मुकाबला कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक उपभोक्ता, खुदरा, पेंट, तार और इलेक्ट्रिल जैसी श्रेणियों में यह रुझान दिखा है कि बड़ी कंपनियां और बड़ी हो रही हैं और यह एकीकरण आगे भी जारी रहने की संभावना है।
मुंबई की ब्रोकरेज केआर चोकसी के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों के दौरान असंगठित से संगठित बाजार का रुझान तेज रहा है। छोटे उद्यमियों को लॉकडाउन और उसके बाद अपने परिचालन में जूझना पड़ा है, जबकि बड़े उद्यमियों के पास कारोबार को जारी रखने की क्षमता है। इससे एकीकरण बढ़ा है।’
एशियन पेंट्स का ही उदाहरण लें। कंपनी का तीसरी तिमाही में समेकित राजस्व 25 फीसदी बढ़कर 6,789 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को सजावट खंड में मात्रात्मक बिक्री 33 फीसदी बढऩे से मदद मिली। कंपनी की बिक्री मात्रा में बढ़ोतरी विश्लेषकों के 19 फीसदी के अनुमान से काफी अधिक थी।
एबिटा मार्जिन 400 आधार अंक बढ़कर 28.2 फीसदी रहा, जिसे कच्ची सामग्री की कम कीमत और उत्पाद मिश्रण सुधरने से मदद मिली। लागत को उचित स्तर पर लाने को ज्यादातर कंपनियों ने गंभीरता से लिया है क्योंकि महामारी ने कारोबारों को आकार घटाने को बाध्य कर दिया है। लागत कुशलता पर अत्यधिक ध्यान देने से मार्जिन में सुधार आया है।
एशियन पेंट्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अमित सिंगले ने कहा कि उनका मानना है कि रियल एस्टेट और निर्माण गतिविधियों में तेजी आने से संगठित बाजार बढ़ता रहेगा। ज्यादातर बड़ी कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी न केवल बड़े शहरों में बल्कि ग्रामीण और अद्र्ध-शहरी क्षेत्रों में भी बढ़ी है क्योंकि महामारी का असर इन क्षेत्रों में कम रहा है। उपभोक्ता आत्मविश्वास धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है क्योंकि टीकाकरण अभियान से सामान्य स्थितियां बहाल होने की उम्मीद जगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार पर महामारी के असर से ब्रांडेड कंपनियों को फायदा मिला है क्योंकि उन पर भरोसा अधिक है। इक्विनोमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी के संस्थापक जी चोक्कालिंगम ने कहा, ‘श्रेणियों के अगुआओं के ऐसे कदम उठाने की संभावना है, जिनसे बाजार का दायरा बढ़ेगा। इससे उनकी वृद्धि भी सुनिश्चित होगी।’ हैवेल्स का उदाहरण लें। तीसरी तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व 39 फीसदी बढ़कर 3.175 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 74 फीसदी बढ़कर 350 करोड़ रुपये के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर रहा। कंपनी को सभी श्रेणियों में तगड़ी वृद्धि से मदद मिली है।
वहीं, तीसरी तिमाही में कजारिया सेरेमिक्स का समेकित राजस्व 13 फीसदी और शुद्ध लाभ 93 फीसदी बढ़ा है। सारेगाम इंडिया का तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़ा है। इसे डिजिटलीकरण से मदद मिली है।
हालांकि रिलायंस रिटेल के राजस्व में गिरावट आ रही है, लेकिन तीसरी तिमाही में उसका परिचालन मार्जिन 380 आधार अंक बढ़ा है। देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में मैकडॉनल्ड रेस्टोरेंट चलाने वाली वेस्टलाइफ डेवलपमेंट का दिसंबर में बिक्री सुधार स्तर 97 रहा, जबकि इसी महीने में रेस्टोरेंट में खाना खाने वाले लोगों से आमदनी कोविड से पहले के स्तरों की 83 फीसदी रही।
वेस्टलाइफ डेवलपमेंट के वाइस-चेयरमैन अमित जटिया ने कहा, ‘माह दर माह कारोबार बेहतर हो रहा है क्योंकि सरकार ने प्रतिबंधों में ढील दी है। मुंबई और महाराष्ट्र में खाने-पीने के प्रतिष्ठानों को अक्टूबर में खोलने की मंजूरी दी गई, इसलिए उसके बाद लगातार कारोबार में सुधार आ रहा है। ‘
पोलिकैब इंडिया के मुख्य वित्तीय अधिकारी गंधर्व टोंगिया ने कहा कि केबल एवं तारों का असंगठित बाजार घटकर अब 30 से 32 फीसदी पर आ गया है, जो कुछ साल पहले 37 से 38 फीसदी था और यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी। कंपनी का तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर समेकित राजस्व 12 फीसदी और शुद्ध लाभ 19 फीसदी बढ़ा है।
हैवेल्स इंडिया के चेयरमैन और एमडी अनिल राय गुप्ता ने कहा, ‘आवासीय और उपभोक्ता खंडों से मांग बढ़ रही है। उपभोक्ता कीमत पर ज्यादा ध्यान नहीं देने लगे हैं और ब्रांडेड उत्पाद खरीदने लगे हैं।’

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First Published - January 25, 2021 | 12:13 AM IST

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