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जोमैटो में दिख रहा तेजी का आसार, HSBC ने इसलिए जताई बदलाव की उम्मीद

Last Updated- March 23, 2023 | 8:16 PM IST
Growing hunger for Zomato: HSBC sees 64% upside

जोमैटो का शेयर इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 9 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुका है और बीएसई के सेंसेक्स की तुलना में उसका प्रदर्शन कमजोर है। सेंसेक्स में समान अव​धि के दौरान करीब 5.3 प्रतिशत की गिरावट आई है।

इस कमजोर प्रदर्शन के बावजूद HSBC के विश्लेषकों का मानना है कि यह शेयर 87 रुपये पर पहुंच सकता है जो उसके मौजूदा स्तरों की तुलना में 64 प्रतिशत की तेजी है।

HSBC के विश्लेषकों योगेश अग्रवाल और अ​भिषेक पाठक ने एक रिपोर्ट में लिखा है कि फूड डिलिवरी उद्योग ने पिछले कुछ महीनों से कमजोरी दर्ज की है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘चालू वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में हमें सकल ऑर्डर वैल्यू (GOV) सालाना आधार पर करीब 9 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है, जो 15 प्रतिशत के हमारे मध्याव​धि अनुमानों से कम है। जोमैटो में निवेशकों के लिए कई बदलाव दिखे हैं।’

दिसंबर 2022 में समाप्त तीसरी तिमाही में जोमैटो का नुकसान पूर्ववर्ती अव​धि के 63.2 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 346.6 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 250.8 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया।

विश्लेषकों का कहना है कि ​​ब्लिं​कइट को शामिल किए जाने की वजह से नुकसान सालाना आधार पर करीब 5.5 गुना बढ़ गया। इस बीच, राजस्व 75 प्रतिशत बढ़कर 1,948.2 करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 1,112 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

HSBC का कहना है कि जोमैटो ने ​स्विगी के हाथों गंवाई अपनी बाजार भागीदारी में अब सुधार दर्ज किया है। कंपनी को जोमैटो गोल्ड की पेशकश से मदद मिली है।

2021-22 में जोमैटो की बाजार भागीदारी 55 प्रतिशत थी, जबकि ​स्विगी के लिए यह आंकड़ा 45 प्रतिशत था। HSBC का कहना है कि 2023-24 में जोमैटो के लिए बाजार भागीदारी का आंकड़ा बढ़कर 57 प्रतिशत, जबकि प्रतिस्पर्धी ​​स्विगी के लिए 43 प्रतिशत रह सकता है।

First Published - March 23, 2023 | 8:16 PM IST

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