facebookmetapixel
UP ODOC scheme: यूपी के स्वाद को मिलेगी वैश्विक पहचान, शुरू हुई ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजनाQ3 रिजल्ट से पहले बड़ा संकेत, PSU कंपनी कोचीन शिपयार्ड फिर दे सकती है डिविडेंडउत्तर भारत में फिर बढ़ेगी ठंड, IMD ने शीतलहर और घने कोहरे की दी चेतावनीUltratech Cement Q3 Results: इंडिया सीमेंट और केसोराम के मर्जर का दिखा असर, मुनाफा 27% उछलाKotak Mahindra Bank Q3 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹4,924 करोड़ पर, होम लोन और LAP में 18% की ग्रोथमध्य-पूर्व में जंग की आहट? कई यूरोपीय एयरलाइंस ने दुबई समेत अन्य जगहों की उड़ानें रोकींDividend Stocks: जनवरी का आखिरी हफ्ता निवेशकों के नाम, कुल 26 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंडDGCA के निर्देश के बाद इंडिगो की उड़ानों में बड़ी कटौती: स्लॉट्स खाली होने से क्या बदलेगा?रूसी तेल की खरीद घटाने से भारत को मिलेगी राहत? अमेरिका ने 25% टैरिफ हटाने के दिए संकेतBudget 2026: विदेश में पढ़ाई और ट्रैवल के लिए रेमिटेंस नियमों में बदलाव की मांग, TCS हो और सरल

डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून समिति में शामिल हो सकते है टेक एक्सपर्ट

Last Updated- February 12, 2023 | 11:00 PM IST
IT outlook: Weak sentiment likely to put pressure on the IT sector in the short term

कंपनी मामलों का मंत्रालय डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून पर हाल में गठित समिति में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप से जुड़े विशेषज्ञों की नियुक्ति कर सकता है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी है। 16 सदस्यों वाली इस समिति में इस समय सरकारी अधिकारी और वरिष्ठ वकील शामिल हैं, जिनमें से तमाम बड़ी टेक फर्मों से जुड़े हैं।

समिति की संरचना देने वाले एक आधिकारिक ज्ञापन में कहा गया है कि समिति का चेयरपर्सन यानी एमसीए का सचिव जरूरत पड़ने पर किसी अन्य व्यक्ति को सदस्य या विशेष आमंत्रित के रूप में आमंत्रित कर सकता है।

बहरहाल स्टार्टअप इस सरकारी समिति में प्रतिनिधित्व न मिलने से चिंतित रही है। उनकी चिंता यह थी कि बड़ी टेक फर्मों के पक्ष में काम हो सकता है।

उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, ‘बड़ी टेक कंपनियों की गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर सरकार बहुत मुखर रही है। लेकिन इन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ वकीलों की समिति बनाने से विधेयक का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।

First Published - February 12, 2023 | 11:00 PM IST

संबंधित पोस्ट