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रियल्टी, डिजिटल में निवेश करेगी टाटा

Last Updated- December 12, 2022 | 5:51 AM IST

टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस अपनी प्रमुख इकाई टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) से प्राप्त 22,000 करोड़ रुपये के लाभांश का उपयोग टाटा टेलीसर्विसेज के सकल समायोजित राजस्व (एजीआर) बकाये के भुगतान में करेगी। इसके अलावा कंपनी शेष रकम का निवेश अपने डिजिटल, वित्तीय सेवा एवं रियल एस्टेट/ बुनियादी ढांचा कारोबार में करेगी।
सूत्रों के अनुसार, टाटा टेलीसर्विसेज को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत कुल 14,473 करोड़ रुपये के एजीआर बकाये में से 10 फीसदी रकम का भुगतान इसी साल मार्च तक करना था। होल्डिंग कंपनी की वित्तीय मदद से वह इसका भुगतान पहले ही कर चुकी है। टाटा टेलीसर्विसेज अपने कुल बकाये में से 3,558 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले साल 30 जून तक कर चुकी थी। पिछले चार वर्षों के दौरान टाटा संस ने टाटा टेलीसर्विसेज के बैंक एवं सरकार के बकाये के एक बड़े हिस्से का भुगतान कर चुकी है। उसने टीसीएस से प्राप्त लाभांश के बल पर डोकोमो से टाटा टेलीसर्विसेज की हिस्सेदारी की पुनर्खरीद भी की है।
एक सूत्र ने कहा कि टाटा टेली में निवेश अब तेजी से बढ़ रहा है और नए वित्त वर्ष में टाटा संस से बहुत अधिक पूंजी निवेश की जरूरत नहीं होगी। एक आंतरिक सूत्र ने कहा, ‘अगले नौ वर्षों में भुगतान किए जाने वाले 10 फीसदी एजीआर बकाये को छोड़कर टाटा टेलीसर्विसेज अब अपने बल पर आगे बढऩे में समर्थ है।’
टाटा समूह ने अपनी वित्तीय सेवा कारोबार में 1,000 करोड़ रुपये और टाटा एसआईए एयरलाइंस में 900 करोड़ रुपये का निवेश करने के अलावा टाटा डिजिटल लिमिटेड के नेतृत्व में अपने डिजिटल कारोबार के लिए बड़ी रकम रखी है। टीडीएल भारतीय उपभोक्ताओं को लक्ष्य करते हुए सुपर ऐप तैयार करने में व्यस्त है जो टाटा समूह को अपने सभी उत्पादों- विमान टिकट से लेकर होटल एवं किराना तक- को एक ही ऐप पर बिक्री करने में समर्थ बनाएगा।
टाटा समूह के एक सूत्र ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान उसने एयर एशिया बेरहाद की हिस्सेदारी खरीदकर एयर एशिया इंडिया पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया। उन्होंने कहा, ‘इस साल हम एयर इंडिया के अधिग्रहण पर ध्यान केंद्रित करेंगे लेकिन वैश्विक महामारी के मद्देनजर हमारी बोली अधिक आक्रामक नहीं होगी।’ उन्होंने कहा कि एयर इंडिया की बोली समूह का एक बड़ा निवेश होगा जिसके लिए नकदी भंडार की आवश्यकता होगी।
टाटा रियल्टी ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (टीआरआईएल) द्वारा रिलय एस्टेट एवं बुनियादी ढांचे के विकास को भी होल्डिंग कंपनी से काफी रकम मिली है। आंतरिक सूत्रों ने बताया कि टीआरआईएल पुणे मेट्रो रेल परियोजना तैयार कर रही है जबकि टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड मुंबई से नवी मुंबई के बीच ट्रांस हारर्बर परियोजनाओं का निर्माण कर रही है। टाटा समूह के वित्तीय सेवा कारोबार को होल्डिंग कंपनी से लगातार रकम मिलती रहेगी। पिछले वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में टाटा संस ने टाटा कैपिटल फाइनैंशियल सर्विसेज लिमिटेड में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जो वित्त वर्ष 2020 में किए गए 2,500 करोड़ रुपये के निवेश के अतिरिक्त था। आवास वित्त इकाई सहित टाटा समूह के वित्तीय कारोबार दिसंबर 2020 तक 75,588 करोड़ रुपये का ऋण खाता पहले ही तैयार लिया था।

First Published - April 16, 2021 | 12:06 AM IST

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