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टाटा समूह ने बिगबास्केट में खरीदी बड़ी हिस्सेदारी

Last Updated- December 12, 2022 | 4:21 AM IST

शुक्रवार को टाटा संस द्वारा बिगबास्केट के अधिग्रहण की घोषणा किए जाने के बाद, ई-ग्रोसरी कंपनी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी हरि मेनन ने कहा कि कंपनी में व्यवसाय सामान्य रूप से बरकरार रहेगा।
मेनन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘सब कुछ समान बना रहेगा और सभी संस्थापक कंपनी में बने रहेंगे।’
ऑनलाइन किराना बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए टाटा संस ने अपनी सहायक इकाई टाटा डिजिटल लिमिटेड के जरिये बिगबास्केट में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। हालांकि कंपनी ने मूल्यांकन के बारे में कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है, लेकिन रिपोर्ट से पता चला है कि बिगबास्केट का मूल्यांकन 2 अरब डॉलर पर है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने पिछले महीने बिगबास्केट की पैतृक कंपनी सुपरमार्केट गा्रेसरी सप्लाई प्राइवेट लिमिटेड की 64.3 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने के लिए टाटा डिजिटल को मंजूरी प्रदान की थी।
टाटा डिजिटल के मुख्य कार्याधिकारी प्रतीक पाल ने कहा, ‘ग्रोसरी भारत में लोगों की खपत के सबसे बड़े घटकों में से एक है, और भारत की सबसे बड़ी ई-ग्रोसरी कंपनी के तौर पर बिगबास्केट मजबूत कंज्यूमर डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करने के हमारे विजन के अनुरूप है। हम  टाटा डिजिटल का हिस्सा बनने के लिए बिगबास्केट का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं।’
दोनों कंपनियों को इस सौदे को पूरा करने में करीब 6 महीने लगेंगे। इस अधिग्रहण के साथ, प्रमुख शेयरधारक अलीबाबा और ऐक्टिस एलएलपी इस कंपनी से बाहर हो गए हैं। एसेंट कैपिटल, और उद्यमी के गणेश जैसे अन्य निवेशक भी बाहर हो गए हैं।
ट्राइफेक्टा कैपिटल में मैनेजिंग पार्टनर नीलेश कोठारी ने कहा, ‘ट्राइफेक्टा अब तक बिगबास्केट की यात्रा में भागीदारी को लेकर उत्साहित है। टाटा समूह से यह निवेश वाकई नए जमाने के भारतीय स्टार्टअप तंत्र का प्रमाण है। हमें विश्वास है कि यह घरेलू और वैश्विक, दोनों निवेशकों के लिए भारत के नए इकोनोमी कैटेगरी दिग्गजों के साथ भागीदारी के लिहाज से अच्छा अवसर है।’
टाटा डिजिटल वाणिज्यिक पत्र के जरिये 5,000 करोड़ रुपये भी जुटा रही है।
ई-ग्रोसरी कंज्यूमर ई-कॉमर्स क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे सेगमेंटों में से एक रही है। महामारी की वजह से इसकी लोकप्रियता और ज्यादा बढ़ी है क्योंकि ग्राहक घर बैठे सुरक्षित तरीके से गुणवत्तायुक्त किराना सामान का ऑर्डर करना पसंद करते हैं।
रेडसीर और बिगबास्केट की एक रिपोर्ट में भारत का ई-ग्रोसरी बाजार वर्ष 2020 के अंत तक 3 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान जताया गया, जो 2019 में 1.9 अरब डॉलर था। 57 प्रतिशत की सालाना वृद्घि दर के साथ यह वर्ष 2024 तक 18 अरब डॉलर पर पहुंच जाने की संभावना है।
बेंगलूरु के एक छोटे कार्यालस से 2011 में चार भागीदारों वी एस सुधाकर, विपुल पारेख, अभिनय चौधरी और वी एस रमेश के साथ मिलकर कंपनी की शुरुआत करने वाले मेनन ने कहा, ‘हम टाटा समूह का हिस्सा बनकर अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं।’
मौजूदा समय में, कंपनी पूरे भारत में 30 शहरों में प्रति महीने करीब 1.5 करोड़ ऑर्डर पूरे करती है। उसने सालाना राजस्व में 1 अरब डॉलर की उपलब्धि भी हासिल की है।
बिगबास्केट का अधिग्रहण डिजिटल उपभोक्ता इकोसिस्टम तैयार करने के लिए टाटा समूह की रणनीति का हिस्सा है।

First Published - May 28, 2021 | 11:53 PM IST

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