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लॉरस लैब्स का परिदृश्य दमदार

Last Updated- December 11, 2022 | 7:41 PM IST

शानदार प्रदर्शन करने वाली दवा कंपनी लॉरस लैब्स के शेयर ने पिछले तीन महीनों के दौरान 20 प्रतिशत से ज्यादा का प्रतिफल दिया है। तुलनात्मक तौर पर, उसके प्रतिस्पर्धी सूचकांक निफ्टी फार्मा को निवेशकों के लिए कमाई का मौका प्रदान करने में संघर्ष करना पड़ रहा है और उसमें 1 प्रतिशत की कमी आई है।  
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज और सिप्ला (10-12 प्रतिशत प्रतिफल) को छोड़कर सभी दवा कंपनियों के शेयर इस अवधि के दौरान नुकसान में बंद हुए। मौजूदा कीमत गिरावट और अमेरिकी बाजार में नई पेशकशों की सीमित संख्या, इन्वेंट्री में कमी और कच्चे माल/लॉजिस्टिक खर्च में तेजी से दवा क्षेत्र में कमजोर प्रदर्शन को बढ़ावा मिला है।
इसके बीच, लॉरस का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। हाल में शेयरखान रिसर्च ने इस शेयर के लिए ‘खरीदें’ की रेटिंग को दोहराया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत मांग परिवेश से कंपनी की वृद्घि को मजबूती मिलेगी। कंपनी फुल डोसेज और सिंथेसिस सेगमेंटों में अपनी पकड़ मजबूत बना रही है, गैर-एंटीवायरल (एआरवी) में उपस्थिति बढ़ा रही है और लॉरस बायो (पूर्व में रिचकोर लाइफसाइंसेज) के जरिये बायोलॉजिक्स के नए क्षेत्र में तेजी दर्ज कर रही है। जहां कंपनी एआरवी बाजार के लिए प्रमुख ऐक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिडिएंट्स (एपीआई) में अच्छी बाजार भागीदारी का लाभ उठा रही है, वहीं उसने गैर-एआरवी एपीआई सेगमेंट में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है।
ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी और मधुमेह-रोधी जैसी नई थेरेपी में उसकी पहल को देखते हुए, एआरवी व्यवसाय की बिक्री घटने की आशंका है।
इलारा कैपिटल में दवा विश्लेषक अब्दुलकादर पूरनवाला का कहना है कि गैर-एआरवी एपीआई सेगमेंट वित्त वर्ष 2021 वित्त वर्ष 2024 तक सालाना आधार पर 14 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। कंपनी अपनी फॉर्मूलेशन क्षमता विशाखापट्टनम में दोगुनी कर 10 अरब यूनिट कर रही है और वह एक नया संयंत्र चालू कर रही है।
लॉरस क्षमता विस्तार की मदद से ऊंची वृद्घि का लाभ उठाने के लिहाज से अच्छी स्थिति में है। गैर-एआरवी व्यवसाय में ऊंची वृद्घि सिंथेसिस सेगमेंट से आने की संभावना है। यह सेगमेंट नई दवाओं के लिए नई कंपनियों को प्रमुख शुरुआती पदार्थ और एपीआई की आपूर्ति करता है।
जहां नई ग्राहक वृद्घि और उत्पादों के व्यावसायीकरण से वित्त वर्ष 2021 में 70 प्रतिशत वृद्घि को बढ़ावा मिला, वहीं इलारा कैपिटल को वृद्घि बरकरार रहने की संभावना है और सेगमेंट द्वारा वित्त वर्ष 2021-24 की अवधि के दौरान 32 प्रतिशत की तेजी का अनुमान है। ब्रोकरों का मानना है कि लागत समस्याओं की भरपाई समेकन के जरिये काफी हद तक की जा सकती है।

First Published - April 21, 2022 | 12:37 AM IST

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