एसआरएफ की आय में जारी रहेगी तेजी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:16 PM IST

विशेष रसायन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी एसआरएफ का शेयर मंगलवार को कारोबार के दौरान 4.6 फीसदी चढ़ गया। प्रबंधन ने संकेत दिया है कि वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही में रसायन, पैकेजिंग फिल्म और तकनीकी कपड़ा में से हरेक श्रेणी में उसका प्रदर्शन दमदार रहेगा। इससे कंपनी के शेयर को बल मिला।
कंपनी ने सितंबर तिमाही में दमदार वित्तीय नतीजे पेश करने के बाद यह बात कही। तिमाही के दौरान कंपनी ने सभी श्रेणियों में व्यापक वृद्धि दर्ज करते हुए 35.1 फीसदी की समेकित राजस्व वृद्धि दर्ज की है।
इस शेयर ने बुधवार को भी कुछ बढ़त दर्ज की। अधिकतर ब्रोकरेज अगले दो वर्षों के दौरान इसके आय परिदृश्य को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। इस शेयर के लिए एक अन्य ट्रिगर एमएससीआई इंडिया सूचकांक में शामिल होना रहा है। सूचकांक में 1 दिसंबर से शामिल होने के बाद इस शेयर में प्रवाह बढऩे के आसार हैं।
कंपनी की प्रमुख श्रेणियों में उसका रसायन कारोबार सबसे बड़ा है जो उसके कुल राजस्व में 40 फीसदी का योगदान करता है। इस श्रेणी के तहत शीतलक कारोबार की जबरदस्त मात्रात्मक बिक्री हुई है और उसकी प्राप्तियों में सुधार हुआ है। दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में भी उल्लेखनीय बिक्री दर्ज की। आईआईएफएल रिसर्च के अनुसार, नई पीढ़ी के शीतलक में अपनी विशेषज्ञता को देखते हुए क्लोरोमिथेन के बैकवार्ड इंटीग्रेशन से उसे लागत के मोर्चे पर फायदा होगा।
परिणामस्वरूप पहली छमाही के मुकाबले दूसरी छमाही में मात्रात्मक बिक्री अधिक रहने की उम्मीद है। अगले 2 से 3 साल के दौरान क्षमता में विस्तार होने से इसमें कहीं अधिक वृद्धि होगी। वित्त वर्ष 2022 में 2,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का आधा शीतलक कारोबार में खर्च किए जाने की उम्मीद है।
विशेष रसायन कारोबार (कृषि रसायन एवं फार्मास्युटिकल) में कंपनी अगले कुछ वर्षों के दौरान 15 से 20 फीसदी वृद्धि की उम्मीद कर रही है। कंपनी के फार्मास्युटिकल रसायन कारोबार की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। कंपनी के कुल रसायन कारोबार से प्राप्त राजस्व में दूसरी तिमाही के दौरान 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जबकि मार्जिन में सालाना आधार पर 250 आधार अंकों का सुधार हुआ।
दूसरी तिमाही के दौरान पैकेजिंग कारोबार (37 फीसदी राजस्व) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस श्रेणी के राजस्व में 28.7 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि मार्जिन में सालाना आधार पर 1,290 आधार अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह क्षमता विस्तार और बीओपीईटी (पॉलिस्टर) फिल्मों की कमजोर मांग रही। इस फिल्म का उपयोग प्रिंटिंग एवं कोटिंग ऐप्लिकेशन में किया जाता है। क्षमता विस्तार के मद्देनजर तीसरी तिमाही के दौरान मांग में तेजी आई है लेकिन बाजार की नजर वृद्धि पर उसके प्रभाव पर रहेगी।
कंपनी की सबसे छोटी प्रमुख श्रेणी तकनीकी कपड़ा में टायर क्षेत्र से मांग में वृद्धि और खनन क्षेत्र को फिर से खोलने के लिए नायलॉन टायर कॉर्ड और बेल्टिंग कपड़े जैसे उत्पादों की काफी बिक्री हुई। इस श्रेणी में दूसरी तिमाही के दौरान 68 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
शेयरखान रिसर्च के विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की आय वृद्धि को रसायन एवं तकनीकी कपड़ा कारोबार से बल मिलेगा जबकि पैकेजिंग फिल्म कारोबार में मात्रात्मक वृद्धि कमजोर मार्जिन के प्रभाव को दूर करने में मदद करेगी। वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 के लिए कंपनी की आय वृद्धि 30 फीसदी रहने के आसार हैं लेकिन वह पिछले छह महीनों के दौरान शेयर में 67 फीसदी की बढ़त से प्रभावित हो सकती है। निवेशक शेयर में गिरावट आने का इंतजार कर सकते हैं।

First Published : November 26, 2021 | 12:38 AM IST