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मझोले-भारी वाणिज्यिक वाहन और बस की बिक्री में थोड़ी तेजी

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वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही के दौरान टाटा मोटर्स के मझौले, हल्के और मध्य वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी 34 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।

Last Updated- July 10, 2024 | 10:32 PM IST
Ashok Leyland

गिरावट के रुख के विपरीत वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री का प्रदर्शन वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में थोड़ा बेहतर रहा है, खास तौर पर मझोले और भारी वाणिज्यिक वाहनों तथा बसों के मामले में।

शीर्ष चार कंपनियों – टाटा मोटर्स, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, अशोक लीलैंड और वोल्वो आयशर कमर्शियल व्हीकल ने अप्रैल और जून 2024 के बीच मझोले से भारी ट्रकों और बसों की संयुक्त रूप से 1,50,454 से ज्यादा बिक्री के साथ 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने कहा, ‘वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स की घरेलू बिक्री 87,615 रही जो वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही की बिक्री के मुकाबले करीब 7 प्रतिशत अधिक रही। इसके अलावा जून 2024 में बिक्री मई 2024 की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक रही।’

वाघ ने कहा कि मध्य और भारी वाणिज्यिक वाहन श्रेणी ने वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही की बिक्री की मात्रा की तुलना में वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में लगभग 10 प्रतिशत की उछाल के साथ इस वृद्धि की अगुआई की।

जहां भारी वाणिज्यिक वाहनों की मांग अच्छी रही, वहीं ई-कॉमर्स, ऑटो-एग्रिगेट और एलपीजी श्रेणियों में मांग बढ़ने से मझोले वाणिज्यिक वाहनों में बाजार की धारणा सकारात्मक बनी रही। उन्होंने कहा, ‘तिमाही के दौरान स्कूल और स्टाफ परिवहन खंड में 39 प्रतिशत की वृद्धि की वजह से वाणिज्यिक वाहनों का यात्री कारोबार महामारी के बाद अपने दमदार सुधार के साथ बढ़ रहा है।’

वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही के दौरान टाटा मोटर्स के मझौले, हल्के और मध्य वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी 34 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।

टाटा मोटर्स के छोटे और हल्के वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही के मुकाबले वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही के दौरान छह प्रतिशत तक की गिरावट आई है, खास तौर पर इस श्रेणी में पहली बार के उपयोगकर्ताओं को वित्त जुटाने की चुनौती का सामना किया।

उद्योग को लगता है कि आगे चलकर अच्छे मॉनसून, नीतिगत निरंतरता की उम्मीदों और सरकार के बुनियादी ढांचे से जुड़ी विकास परियोजनाओं पर जोर देने से वाणिज्यिक वाहनों की मांग में सुधार होने की उम्मीद है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट में बुनियादी ढांचे के लिए पूंजी आवंटन 11 प्रतिशत बढ़ाकर 11.1 लाख करोड़ रुपये कर दिया था।

अशोक लीलैंड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी शेनु अग्रवाल ने कहा ‘वित्त वर्ष 25 में 4 से 7 प्रतिशत की गिरावट के उद्योग के एकमत दृष्टिकोण के विपरीत हम अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण रख रहे हैं। इस बात की संभावना है कि उद्योग स्थिर रह सकता है और अगर मई-जून की अवधि अच्छी रही तो हम कुछ वृद्धि भी देख सकते हैं। मैं जमीनी स्तर की हलचल के आधार पर ऐसा मान रह हूं।’

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First Published - July 10, 2024 | 10:08 PM IST

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