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जोमैटो के शेयर में तेज गिरावट

Last Updated- December 11, 2022 | 5:18 PM IST

खाने-पीने का सामान पहुंचाने वाली स्टार्टअप कंपनी जोमैटो का शेयर आज एकाएक लुढ़क गया क्योंकि आईपीओ से पहले इस कंपनी के शेयर रखने वालों के लिए एक साल की लॉक-इन अवधि पूरी होते ही निवेशकों में शेयर बेचने की होड़ लग गई। जोमैटो का शेयर 11.4 फीसदी गिरावट के साथ 47.55 रुपये के नए निचले स्तर पर बंद हुआ। कंपनी के सूचीबद्ध होने के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है।
आम तौर पर एकाएक बिकवाली तब होती है, जब आईपीओ के एंकर निवेशकों के लिए लॉक-इन अव​धि खत्म होती है। मगर एक साल की लॉक-इन अव​धि खत्म होते ही शेयर का औंधे मुंह गिरना अजीब बात है। बाजार भागीदारों का कहना है कि जोमैटो में बिकवाली इसलिए हुई क्योंकि कंपनी में शेयरधारिता का ढांचा काफी अलग है। सूचीबद्ध होने वाली पहली बड़ी स्टार्टअप कंपनी जोमैटो में प्रवर्तक के पास शेयर ही नहीं हैं। अधिकतर शेयर निजी इ​क्विटी, वेंचर कैपिटल, कर्मचारियों और संस्थापकों के पास हैं, जिन्हें प्रवर्तक की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
जोमैटो के शेयरों की बिकवाली करने वाले शेयरधारकों के नामों का अभी पता नहीं चल पाया है मगर आज 1,300 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे गए, जो छह महीने की औसत बिकवाली से छह गुना अ​धिक हैं। जोमैटो का शेयर अपने निर्गम मूल्य 76 रुपये से 37 फीसदी नीचे और सर्वकालिक उच्च स्तर 169 रुपये से 72 फीसदी नीचे आ गया है। लॉ फर्म खेतान ऐंड कंपनी में कार्यकारी निदेशक सुधीर बस्सी ने कहा कि प्रवर्तक और संस्थापक आम तौर पर आईपीओ के एक साल बाद शेयर नहीं बेचते हैं।

First Published - July 26, 2022 | 1:03 AM IST

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