पिछले कुछ महीनों में कई पोर्टफोलियो कंपनियों में धोखाधड़ी के आरोप के बाद वेंचर कैपिटल फर्म सिकोया की भारत व दक्षिण पूर्व एशियाई इकाई ने रविवार को कहा कि वह अपने निवेश वाले स्टार्टअप में अनुपालन सख्त बनाएगी।
सिकोया ने एक ब्लॉग में कहा, हम कंपनी व कर्मचारियों के हितों को संरक्षित करने की खातिर कदम उठाने में नहीं हिचकते, चाहे इस कारण हमें वित्तीय लागत क्यों न उठानी पड़े। जहां भी जरूरत पड़ेगी, हम सही चीजों के लिए सख्त कदम उठाएंगे।
यह फंड संस्थापकों व वरिष्ठ प्रबंधन के लिए गवर्नेंस ट्रेनिंग, व्हिसलब्लोअर नीतियों के क्रियान्वयन, बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक ज्यादा होने, ज्यादा से ज्यादा खुलासा और आंतरिक अंकेक्षण व नियंत्रण के लिए और सख्त अनुपालन को अंजाम देगा।
वीसी फर्म ने कहा, हम इरादतन धोखाधड़ी आदि का सख्ती से जबाव देना जारी रखेंगे। जब व्हिसलब्लोअर हमें विभिन्न मसलों से अवगत कराते हैं तो हम हमेशा ही उन्हें गंभीरता से लेते हैं। हमें पता है कि कुछ मामलों में ये चीजें आधारहीन साबित हो सकती हैं, लेकिन हम अभी भी उन पर नजर डालेंगे क्योंंकि यह बोर्ड सदस्य की जवाबदेही होती है। हम गलत चीजों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहींं करेंगे।
सिकोया के पोर्टफोलियो में संकट इस साल जनवरी से शुरू हुआ जब यह बात सामने आई कि उसके निवेश वाली फिनटेक यूनिकॉर्न भारतपे के सह-संस्थापक व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर सही नहींं कर रहे हैं। इसके बाद ग्रोवर को छुट्टी पर भेज दिया गया और कंपनी के बोर्ड ने ग्रोवर के करीबी की तरफ से हुई कथित वित्त्तीय अनियमितताओं का पता अंकेक्षण से चला। बोर्ड के सामने रिपोर्ट पेश किए जाने से पहले भारतपे के सह-संस्थापक ने इस्तीफा दे दिया और आरोप लगाया कि कंपनी के निवेशक व अग्रणी प्रबंधन कंपनी से उन्हें हटाने की कोशिश मेंं लगे थे। इसके अलावा सिकोया के निवेश वाली कई और फर्मों में भी इस तरह की घटनाएं देखने को मिली।