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‘पीएनबी हाउसिंग मामले में सेबी ने की जल्दबाजी’

Last Updated- December 12, 2022 | 2:46 AM IST

प्रतिभूति अपील न्यायाधिकरण (सैट) ने पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस के रकम जुटाने से संबंधित मामले पर सुनवाई के दौरान आज कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जल्दबाजी की है। सैट ने कहा कि पीएनबी हाउसिंग के शेयरधारकों की विशेष बैठक का नजीता निकलने के बाद सेबी को किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए था।
सैट ने सुनवाई के दौरान सेबी से पूछा, ‘बाजार नियामक कंपनी के परिचालन में कब दखल दे सकता है? क्या शेयरधारकों का निर्णय आने से पहले सेबी का हस्तक्षेप उचित है? पहले ही कैसे मान सकते हैं कि शेयरधारक रकम जुटाने के प्रस्ताव पर राजी हो जाएंगे? क्या बाजार नियामक को लगता है कि शेयरधारक कंपनी के मुखौटे भर हैं?’ सैट ने कहा कि सेबी शेयरधारकों की विशेष बैठक का निर्णय आने तक इंतजार कर सकता था। मामले पर अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।
22 जून को पीएनबी हाउिसंग के शेयरधारकों की विशेष बैठक में कार्लाइल की अगुआई वाले निवेशक समूह को शेयरों का तरजीही आवंटन करने से संबंधित प्रस्ताव पर मतदान होना था। यह प्रस्ताव पारित होने के लिए मतदान में उपस्थिति 75 प्रतिशत शेयरधारकों की अनुमति जरूरी थी। पीएनबी हाउसिंग का सबसे बड़ा शेयरधारक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), प्राइवेट इक्विटी कंपनी कार्लाइल, जनरल अटलांटिक और एरेज एसएसजी भी इस सौदे का हिस्सा हैं। इन तीनों की पीएनबी हाउसिंग में करीब 85 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
सेबी ने अपने कदम को उचित ठहराया और कहा कि प्रस्तावित सौदे का बाजार और अल्पांश शेयरधारकों पर बुरा असर होता। बाजार नियामक ने कहा कि शेयरों के तरजीही आवंटन का मालिकाना हक पर सीधा असर होता और इससे खुली पेशकश में शेयर मूल्य पर भी प्रभाव पड़ता। सेबी ने सैट में अपनी दलील में कहा, ‘अगर सेबी को लगता है कि किसी कंपनी की प्रस्तावित योजना से प्रतिभूति बाजार पर असर होगा तो उसे हस्तक्षेप करना होगा।’ सेबी ने कहा कि शेयरों के तरजीही आवंटन के लिए जो कीमत तय की गई थी वह कंपनी के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (एओए) के प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी। सेबी ने सैट को बताया कि किसी कंपनी के एओए और आईसीडीआर (इश्यू ऑफ कैपिटल ऐंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट) के प्रावधानों का पालन करने में कोई टकराव नहीं होता। पीएनबी हाउिसंग फाइनैंस के एओए की धारा 19 (2) के अनुसार विशेष प्रस्ताव पारित होने पर शेयरों का आवंटन किसी व्यक्ति को रकम या उसके बराबर परिसंपत्ति के बदले किया जा सकता है।
सोमवार को पीएनबी हाउसिंग ने सैट में सुनवाई के दौरान कहा था कि बाजार नियामक किसी सूचीबद्ध कंपनी को एओए का अनुपालन करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। पीएनबी हाउसिंग ने कहा कि एओए एक अनुबंध भर है और यह सेबी के आईसीडीआर नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

First Published - July 13, 2021 | 11:33 PM IST

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