ओलंपिक खेलों के दीवाने तो हर देश में मिल जाते हैं। भारत में भी उनके दीवानों की कमी नहीं है। इसका फायदा उठाने में कॉर्पोरेट जगत भी पीछे नहीं है।
कोका कोला, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, लेनोवो और मैकडोनाल्ड्स समेत तमाम कंपनियां ओलंपिक की प्रायोजक बनी हैं। सभी का मकसद तीन हफ्तों के इस खेल के जरिये अपनी छवि बेहतर बनाकर, बड़े बाजार में गहरी पैठ बनाना है।
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया भी ओलंपिक के जरिये अपने ब्रांड को मजबूत करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। कंपनी की महाप्रबंधक (स्ट्रैटेजी ऐंड प्लानिंग) रुचिका बत्रा ने बताया कि ओलंपिक के दौरान बड़ी तादाद में लोगों का ध्यान खेलों की ओर लगा रहता है।
ऐसे में यदि कोई कंपनी प्रायोजक बन जाती है, तो वह चौबीसों घंटे लोगों की निगाह के सामने रहती है और जाहिर तौर पर उसका अच्छा प्रचार हो जाता है। उन्होंने प्रचार पर हो रहे निवेश के आंकड़े देने से इनकार कर दिया।
बत्रा ने इस बात से भी इनकार किया कि बिक्री में किसी तरह की गिरावट या किसी अन्य पहलू की वजह से सैमसंग प्रचार प्रसार में जुटी है। उन्होंने कहा, ‘ओलंपिक खेलों में बिक्री बढ़ने जैसी कोई बात हमारे मन में नहीं है। इसके साथ जुड़ने से ही वैश्विक कंपनी के तौर पर सैमसंग का रुतबा बढ़ेगा और उसकी छवि में भी निखार आएगा।’
सैमसंग ओलंपिक के लिए जबरदस्त तैयारी कर रही है। देश में विभिन्न ओलंपिक शिविरों के आयोजन में साथ रहने, भारतीय ओलंपिक दल की प्रायोजक बनने और मानवजीत सिंह संधू को ब्रांड ऐंबेसडर बनाने के साथ-साथ कंपनी इसके लिए कुछ उत्पाद भी उतार रही है। कंपनी ने इसी हफ्ते टचविज फोन भी उतारा, जो ओलंपिक की थीम पर ही आधारित है। कंपनी को उम्मीद है कि ओलंपिक के दौरान इस कीमती फोन की बिक्री बढ़ेगी।