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Gold and Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना और चांदी के दाम बुधवार को लगातार बढ़ते हुए अपने सभी समय के उच्चतम स्तर को छू गए। सोने की फरवरी वायदा कीमत ₹1,43,017 प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई, जबकि चांदी मार्च वायदा में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई और इसका दाम ₹2,83,598 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। निवेशकों ने इस तेजी को अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक एवं भू-राजनीतिक घटनाओं से जोड़कर देखा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना लगभग अपने सर्वोच्च स्तर के करीब कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी ने $89-$90 प्रति औंस के स्तर को पार कर नया रिकॉर्ड बनाया। अमेरिकी कोर उपभोक्ता महंगाई (CPI) दिसंबर में विश्लेषकों की अपेक्षा से कम रही। यह संकेत मिल रहा है कि इस साल फेडरल रिजर्व संभावित रूप से ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ गई।
वैश्विक घटनाक्रम ने भी इस उछाल को मजबूती दी। मध्य-पूर्व की राजनीतिक अस्थिरता, यूक्रेन-रूस संघर्ष और अन्य अंतरराष्ट्रीय तनावों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया। इसी के चलते सोने और चांदी को ‘सेफ हेवन’ के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही अमेरिकी डॉलर के कमजोर रहने और ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद ने कीमती धातुओं की कीमतों को और ऊपर धकेला।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद भी मजबूत बनी हुई हैं।
Axis Securities की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट देवया गागलानी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में Comex गोल्ड में हल्की गिरावट देखने को मिली क्योंकि निवेशकों ने रिकॉर्ड $4,634 तक पहुंचने के बाद अपने मुनाफे को बुक किया। हालांकि, सोने को निचले स्तर पर समर्थन मिला क्योंकि दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर डॉलर इंडेक्स ने सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग को बढ़ाया। इसके अलावा, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े अपेक्षा से कम रहने के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गईं, जिससे सोने की मांग और आकर्षण मजबूत हुआ। घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं, और आज सुबह सोने का भाव ₹1,42,900 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। मध्य-पूर्व की राजनीतिक अस्थिरता और यूक्रेन-रूस के बीच जारी संघर्ष ने घरेलू बाजार में सोने की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया।
कुल मिलाकर, 2026 की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों ने मजबूत शुरुआत की है। यदि वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो आने वाले समय में कीमती धातुओं की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।