facebookmetapixel
Advertisement
नोकिया ने भारत में नेतृत्व ढांचा बदला, समर मित्तल और विभा मेहरा को नई जिम्मेदारीनिप्पॉन स्टील इंडिया के सीईओ उम्मेन जून में सेवानिवृत्त होंगेजेएसडब्ल्यू मोटर्स ने दसॉ सिस्टम्स से किया करार, ईवी डिजाइन और उत्पादन को मिलेगी रफ्तारफेम-2 के बकाये अटके, ऑटो कंपनियां अब भी भुगतान के इंतजार मेंएलपीजी संकट में क्लबों का जुगाड़, लकड़ी के चूल्हे और इलेक्ट्रिक कुकिंग का सहारागैस पाइपलाइन विस्तार को रफ्तार, सरकार ने मंजूरी प्रक्रिया तेज कीदेश में एलपीजी सप्लाई की कोई कमी नहीं, घबराने की जरूरत नहीं: सरकारStock Market Update: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक टूटा; निफ्टी 23100 के करीबStocks to Watch Today: IREDA से लेकर RIL और Infosys तक, शुक्रवार को इन 10 स्टॉक्स में रखें नजरअगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसन

Crude Oil: रूसी तेल पर सख्ती, तो रिलायंस ने अपनाया नया रास्ता – पश्चिम एशिया से खरीदा 25 लाख बैरल

Advertisement

अमेरिका और यूरोप के दबाव के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बढ़ाई मिडिल ईस्ट से तेल खरीद, अब रूस की जगह दूसरे विकल्पों पर नजर

Last Updated- October 21, 2025 | 11:38 AM IST
Reliance Industries

Reliance Industries Crude Oil Purchase: भारत की प्राइवेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पिछले हफ्ते पश्चिम एशिया (Middle East) से कच्चा तेल खरीदा है और माना जा रहा है कि कंपनी आगे भी ऐसे और ऑर्डर दे सकती है। यह कदम इस बात का संकेत है कि रूसी तेल पर पश्चिमी देशों का बढ़ता दबाव अब रिलायंस की खरीद रणनीति को प्रभावित कर रहा है।

Reliance Industries ने कितनी मात्रा में तेल खरीदा?

जानकार सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस ने कम से कम 2.5 मिलियन बैरल (25 लाख बैरल) तेल खरीदा है, जिसमें इराक का बसरा मीडियम (Basrah Medium), अल-शहीन (Al-Shaheen) और कतर लैंड (Qatar Land) शामिल हैं। हालांकि रिलायंस पहले भी इन देशों से तेल खरीदती रही है, लेकिन इस बार खरीदारी सामान्य से कहीं अधिक रही।

क्या रिलायंस रूसी तेल का विकल्प खोज रही है?

ट्रेडर्स का कहना है कि रिलायंस अब ऐसे देशों से भी तेल खरीदने की संभावनाएं तलाश रही है, जिनका कच्चा तेल रूसी तेल जैसी क्वालिटी का हो। अब तक रिलायंस भारत में रूस के तेल की सबसे बड़ी खरीदार रही है और अपनी रिफाइनरी के संचालन के लिए उसी पर काफी हद तक निर्भर रही है।

अमेरिका का दबाव भारत को कैसे प्रभावित कर रहा है?

अमेरिका लगातार भारत पर रूसी तेल आयात घटाने का दबाव बना रहा है, ताकि यूक्रेन युद्ध में रूस की वित्तीय ताकत कम की जा सके। इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है, हालांकि भारत सरकार ने इस दावे की पुष्टि नहीं की। भारतीय रिफाइनरियों ने संकेत दिया है कि वे रूसी तेल की खरीद घटा सकते हैं, लेकिन उसे पूरी तरह बंद नहीं करेंगे।

क्या यूरोप का नया प्रतिबंध रिलायंस के लिए चुनौती बनेगा?

इसके अलावा, यूरोपीय संघ (European Union) ने भी रूसी तेल से बने पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर 21 जनवरी से रोक लगाने की घोषणा की है। इस फैसले से रिलायंस की यूरोप को होने वाली तेल उत्पादों की निर्यात गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। यूरोपीय दिशानिर्देशों में भारत को उन देशों में शामिल किया गया है, जिनसे तेल व्यापार करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

Advertisement
First Published - October 21, 2025 | 11:37 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement