facebookmetapixel
Advertisement
India-US Trade Talks: अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ पर भारत को बड़ी राहत, जेनेरिक दवाओं और स्मार्टफोन को छूटUpcoming IPO This Week: निवेशक पैसा रखें तैयार! अगले हफ्ते खुल रहे हैं तीन मेनबोर्ड वाले IPOStock Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल? इन ग्लोबल और घरेलू कारकों पर रहेगी नजरबिकवाली के दबाव में फिसला बाजार: टॉप-10 कंपनियों के डूबे ₹2.74 लाख करोड़, HDFC Bank को सबसे बड़ा झटकाPM मोदी ने ‘मन की बात’ में कारगिल के वीरों को किया नमन, विक्रम-1 रॉकेट, ‘हर घर तिरंगा’ और युवाओं पर भी रखी बातवैश्विक अनिश्चितता के बावजूद रफ्तार पकड़ेगा देश का टू-व्हीलर निर्यात, हीरो-बजाज और TVS ने साफ की स्थितिUpcoming IPO: रेलवे के लिए उपकरण बनाने वाली कंपनी का IPO 30 जुलाई को खुलेगा, जानें डिटेल्सदिल्ली में आज छाए रहेंगे बादल, पर देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; असम में बाढ़ से 66 की मौतअमेरिका-ईरान जंग में नया मोड़: 13 दिनों की बमबारी के बाद थमे एयरस्ट्राइक, क्या रुकेगी 5 महीने पुरानी जंग?छात्रों के विरोध के आगे झुकी सरकार! कैसे PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले दूसरे केंद्रीय मंत्री बने प्रधान

वेदांत और एलऐंडटी को राहत

Advertisement
Last Updated- December 15, 2022 | 2:31 AM IST

प्रदूषण में कमी लाने की लागत को टैरिफ पर डालने की व्यवस्था देकर विद्युत अपीली अधिकरण (एपीटीईएल) ने पंजाब सरकार से कहा है कि वह वेदांत की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड और लार्सन ऐंड टुब्रो की नाभा पावर लिमिटेड द्वारा किए गए निवेश को कानून में दी गई राहत के हिसाब से देखे।
अधिकरण के इस फैसले से कंपनियों को एफजीडी (फ्लू-गैस डीसल्फराइजेशन) स्थापित करने की लागत राज्य की स्वामित्व वाली विद्युत वितरण कंपनी द्वारा भुगतान किए जाने वाले टैरिफ से निकालने की अनुमति होगी। एफजीडी लगाने की सिफारिश पर्यावरण मंत्रालय के नियमों के तहत की गई थी।
इसी दौरान एपीटीईएल महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की तरफ राज्य के एक नियामक के आदेश के खिलाफ दाखिल अपील को खारिज कर दिया। नियामक ने इस आदेश में अदाणी पावर की 3,300 मेगावॉट क्षमता की तिरोदा संयंत्र को बढ़ी हुई लागत टैरिफ पर डालने की अनुमति दी थी।
वेदांत की स्टरलाइट पावर लिमिटेड ने 1 सितंबर, 2008 को पंजाब सरकार की विशेष उद्देश्य की कंपनी के अधिग्रहण के लिए हिस्सेदारी खरीद समझौता किया था। उसी दिन टीएसपीएल और तब के पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के बीच उसके 1980 (3 गुना 660) मेगावॉट संयत्र से बिजली की बिक्री के लिए एक विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) किया गया था।
कंपनी ने आरोप लगाया है कि इस समझौते के करीब 7 वर्ष बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 7 दिसंबर 2015 को पर्यावरण (सुरक्षा) नियम, 1986 को संशोधित कर दिया।

Advertisement
First Published - September 7, 2020 | 12:04 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement