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‘रियल’ व्यापारी

Last Updated- December 07, 2022 | 12:03 PM IST

पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने जिस सपने को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर में कदम रखा था, गत बुधवार को इस दिशा में उन्होंने एक और सफल कदम बढ़ाया।


जैन ने चंडीगढ़ के पास पंचकूला में हाईटेक सिटी के निर्माण के लिए हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया के साथ हाथ मिलाया है। करीब 11,200 एकड़ में फैली इस परियोजना के विकास में 50,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस नैनोसिटी परियोजना के विकास पर पार्श्वनाथ 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत बनने वाली इस परियोजना में 10 फीसदी हिस्सा हरियाणा सरकार का होगा तो 38 फीसदी प्रदीप जैन की पार्श्वनाथ डेवलपर्स का और 52 फीसदी हिस्सेदारी सबीर भाटिया समर्थित समूह का। इस परियोजना को अगले 10 सालों में दो चरणों में पूरा किया जाना है, जिसमें पहले चरण में 5,000 एकड़ पर काम किया जाएगा और बाकी का काम दूसरे चरण में पूरा करने की योजना है।

जब जैन ने रियल एस्टेट के कारोबार में कदम रखा था, उस समय रियल एस्टेट का साम्राज्य इतना बड़ा नहीं था, जितना आज देखने को मिलता है। पर उन्हीं दिनों जैन ने समझ लिया था कि हाउसिंग का कारोबार आगे चलकर एक बड़ा कारोबार बनने जा रहा है और 1984 में उन्होंने पार्श्वनाथ ऐंड एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया।  उन्हें पता था कि इस क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं और यही वजह है कि 1990 में पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड का गठन किया गया।

मौजूदा समय में भले ही रियल एस्टेट का कारोबार कुछ मंदा चल रहा है और कीमतों में गिरावट भी देखने को मिली है, पर एक साल पहले तक जैन इस बात से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखते थे। अगर कोई उनसे इस क्षेत्र में आई मंदी के बारे में पूछता तो वह झट से इस सवाल को पूछने वाले पर ही यह सवाल दाग देते थे कि क्या एक भी ऐसी संपत्ति है जिसकी कीमत वास्तव में गिरी है। जैन बचपन से ही रियल एस्टेट के कारोबार में उतरने का सपना देखते थे।

खासतौर पर भारत को संपत्ति क्षेत्र में विश्वस्तरीय मुकाम दिलाने का सपना उन्होंने काफी पहले ही देखा था। यही वजह है कि जैन ने अपने पारिवारिक व्यवसाय से खुद को अलग कर लिया और संपत्ति के क्षेत्र में कूद पड़े। उनका परिवार रसोई में इस्तेमाल होने वाले एल्युमीनियम के उत्पाद बनाता था। उन्होंने परिवार से अलग अपने करियर की शुरुआत एक रियल एस्टेट ब्रोकर के तौर पर की। शुरू शुरू में उनका सारा ध्यान उत्तरी भारत के छोटे शहरों की ओर हुआ करता था, पर बाद में उन्होंने दिल्ली की ओर रुख किया।

पार्श्वनाथ डेवलपर्स के गठन को 18 साल पूरे हो चुके हैं और फिलहाल वह 21 करोड़ वर्गफुट के क्षेत्रफल पर काम कर रहे हैं। 43 वर्षीय जैन की भगवान के प्रति भी असीम श्रद्धा है और गणेश की मूर्तियां इकट्ठा करना उनका शौक है। अब एक बार फिर से अगर इस नैनोसिटी परियोजना की बात करें जो सिलिकन वैली के मॉडल पर बनाई जानी है तो कह सकते हैं कि जैन और भाटिया के बीच इस साझेदारी की उम्मीद काफी पहले से ही की जा रही थी।

ऐसा इसलिए क्योंकि भाटिया तो पहले ही खुलासा कर चुके थे कि यह परियोजना उनका एक सपना है और जिस हिसाब से जैन ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड को रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी से आगे ले जाते हुए एक इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर कंपनी के तौर पर खड़ा किया है, उसे देखते हुए इस गठजोड़ के लिए वह एक प्रबल दावेदार भी थे। अगर कहें कि यह साझेदारी एक शुरुआती कदम है जो आगे रियल एस्टेट के कारोबार में और कई मोर्चों पर साथ खड़ी हो सकती है तो शायद यह गलत नहीं होगा।

First Published - July 19, 2008 | 1:06 AM IST

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