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देश के आठ प्रमुख शहरों में वर्ष 2025 के दौरान आवासीय प्रॉपर्टीज की बिक्री में हल्की गिरावट दर्ज की गई। रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया के अनुसार, 2025 में आवासीय बिक्री सालाना आधार पर 1 प्रतिशत घटकर 3,48,207 इकाइयों पर आ गई। ये आंकड़े सिर्फ प्राइमरी रेजिडेंशियल मार्केट से जुड़े हैं।
एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाइट फ्रैंक इंडिया ने बताया कि इस दौरान औसत आवासीय कीमतों में 19 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई, इसके बावजूद मांग में स्थिरता बनी रही। कंपनी के अनुसार, होम लोन पर ब्याज दरों में गिरावट, मजबूत आर्थिक ग्रोथ और महंगाई दर में कमी जैसे फैक्टर्स ने संभावित मंदी की आशंकाओं के बावजूद बाजार को सहारा दिया।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बिक्री की रफ्तार बनी रही। उन्होंने बताया कि अनिवासी भारतीयों (NRI) का योगदान अब बढ़कर 12–15 प्रतिशत हो गया है, जो एक दशक पहले सिर्फ सिंगल डिजिट में था। इस स्टडी में देश के आठ बड़े शहर मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, अहमदाबाद, चेन्नई और कोलकाता शामिल हैं।
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों के हिसाब से देखें तो मुंबई क्षेत्र में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 1 प्रतिशत बढ़कर 97,188 इकाई हो गई। देश की वित्तीय राजधानी में घरों की औसत कीमत 7 प्रतिशत बढ़कर 8,856 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई।
बेंगलुरु में घरों की बिक्री लगभग स्थिर रही और कुल 55,373 इकाइयां बिकीं। यहां औसत कीमतों में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और भाव 7,388 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया। पुणे में बिक्री 3 प्रतिशत घटकर 50,881 इकाई रह गई, लेकिन कीमतों में 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यहां औसत भाव 5,016 रुपये प्रति वर्ग फुट रहा।
दिल्ली-एनसीआर में 2025 के दौरान आवासीय बिक्री में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। यहां बिक्री 9 प्रतिशत घटकर 52,452 इकाई रह गई, जबकि कीमतों में 19 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई और औसत भाव 6,028 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गया। हैदराबाद में घरों की बिक्री 4 प्रतिशत बढ़कर 38,403 इकाई हो गई। यहां औसत कीमत 13 प्रतिशत बढ़कर 6,721 रुपये प्रति वर्ग फुट रही।
अहमदाबाद में आवासीय बिक्री 2 प्रतिशत बढ़कर 18,752 इकाई हो गई। गुजरात की राजधानी में कीमतों में 3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और औसत भाव 3,197 रुपये प्रति वर्ग फुट रहा। चेन्नई में घरों की बिक्री में अच्छी बढ़त देखने को मिली। यहां बिक्री 12 प्रतिशत बढ़कर 18,262 इकाई हो गई। तमिलनाडु की राजधानी में औसत कीमत 7 प्रतिशत बढ़कर 5,135 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।
कोलकाता में 2025 के दौरान आवासीय बिक्री 3 प्रतिशत घटकर 16,896 इकाई रह गई। हालांकि, पश्चिम बंगाल की राजधानी में घरों की औसत कीमत 6 प्रतिशत बढ़कर 4,037 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।