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फाइजर टीके का आवेदन खारिज

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:42 AM IST

कोविड-19 टीके को मंजूरी के लिए बनी विशेषज्ञ समिति ने अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर के टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने से इनकार कर दिया। अमेरिका और ब्रिटेन में इस टीके का इस्तेमाल हो रहा है। भारत में स्थानीय आबादी पर परीक्षण के सुरक्षा तथा प्रतिरक्षा डेटा उपलब्ध नहीं होने की वजह से फाइजर के आवेदन को खारिज किया गया है।
फाइजर ने आज कहा कि भारत में उसने अपने कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की अनुमति के लिए दाखिल आवेदन को वापस ले लिया है। अमेरिका की दवा कंपनी ने कहा कि वह टीके को लेकर निकट भविष्य में उपलब्ध होने वाली अतिरिक्त जानकारी दवा नियामक को सौंप सकती है।
भारत ने कंपनी को देश में सुरक्षा एवं प्रतिरक्षा परीक्षण करने पर जोर दिया था। विशेषज्ञ समिति के लिए यह महत्त्वपूर्ण डेटा हो सकत है क्योंकि फाइजर-बायोनटेक टीके के कई गंभीर दुष्प्रभाव देखे गए हैं और इसकी अभी जांच की जा रही है।
कंपनी ने टीके पर गठित विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) से 3 फरवरी को मुलाकात की थी। सूत्रों ने कहा कि भारतीय दवा नियामक ने किसी भी ऐसे टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी नहीं देने का निर्णय किया है जिसके पास स्थानीय स्तर पर परीक्षण के डेटा उपलब्ध नहीं हों। मामले के जानकार सूत्र ने कहा, ‘विशेषज्ञ समिति द्वारा किसी भी टीके को मंजूरी के लिए भारत में कम से कम 1,600 वॉलंटियर के सुरक्षा और प्रतिरक्षा डेटा होना अनिवार्य है।’                   
फाइजर के प्रवक्ता ने कहा, ‘बैठक में चर्चा और नियामक के लिए आवश्यक अतिरिक्त जानकारी को देखते हुए कंपनी ने फिलहाल अपने आवेदन को वापस लेने का निर्णय किया है। फाइजर नियामक के संपर्क में रहेगी और डेटा उपलब्ध होने पर अतिरिक्त जानकारी के साथ फिर से आवेदन कर सकती है।’
विशेषज्ञ समिति ने कहा, ‘कंपनी ने समिति के समक्ष कोविड-19 एमआरएनए टीका बीएनटी162बी के आपात उपयोग की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। टीके की बिक्री के बाद पक्षघात, एनफ्लेक्सिस और अन्य गंभीर प्रतिकूल मामले समाने आए हैं जिसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा कंपनी ने भारत में सुरक्षा और प्रतिरक्षा संबंधित डेटा जुटाने की भी कोई योजना नहीं बनाई है।  विस्तृत चर्चा के बाद समिति ने इस चरण में टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी नहीं देने की सिफारिश की है।’ बुलाए जाने के बाद भी कंपनी तीन बार समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुई। इसके पीछे कम समय, टाइम जोन में अंतर आदि कारण गिनाती रही।सूत्रों ने कहा कि फाइजर ने समिति के समक्ष यह संकेत भी दिया था कि भारत में टीके के निर्माण की उसकी कोई योजना नहीं है।
मामले के जानकार शख्स ने कहा, ‘फाइजर दुनिया भर में टीके भेज रही है और कंपनी ने फिलहाल इन्हीं इलाकों पर ध्यान देने और उत्पादन बढ़ाने का निर्णय किया है। भारत में मंजूरी के लिए उसे चेहरे का लकवा (फेसियल पल्सी) से जुड़े डेटा मुहैया कराने के साथ ही क्लीनिकल परीक्षण प्रोटोकॉल का भी पालन करना होगा। ‘अमेरिकी प्रशासन फाइजर और मॉडर्ना को और कोविड टीके के ऑर्डर देने का प्रयास कर रहा है। ये कंपनियां अमेरिका को 10-10 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगी और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसे साप्ताहिक खुराक की आपूर्ति काफी बढ़ानी होगी।
हालांकि कंपनी ने भारत में अपना आवेदन वापस ले लिया है लेकिन कहा कि वह भारत में उपयोग के लिए टीका बनाने के लिए प्रतिबद्घ है। कंपनी ने कहा, ‘फाइजर भारत में अपना टीका उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्घ है और भविष्य में इस टीके की उपलब्धता होने पर आपात मंजूरी के लिए आवश्यक डेटा के साथ आवेदन कर सकती है।’ फाइजर के टीके को माइनस 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखने की जरूरत होती है। कंपनी नेे इसके लिए कोल्ड चेन की योजना का खाका भी तैयार किया है।

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First Published - February 5, 2021 | 11:02 PM IST

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