facebookmetapixel
Advertisement
Bajaj Finance Share Price: 5.5% की गिरावट से ₹33,500 करोड़ डूबे, RBI के इस प्रस्ताव से मचा हड़कंपAI ट्रेड में पिछड़ा भारत, लेकिन लंबी अवधि में निवेश का अच्छा मौका: रिपोर्टTrent Share Price: शेयर में अभी कमाई का मौका या महंगा वैल्यूएशन बनेगा मुसीबत? जानिए ब्रोकरेज की रायFusion Klassroom IPO Listing: GMP ने नहीं दिया था मुनाफे का संकेत, फिर भी 7% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ शेयरUS Birthright Citizenship: ट्रंप का नया दांव, भारतीयों पर क्या होगा असर? H-1B और Visitor Visa का समझें पूरा ग​णितनए ग्राहक जोड़ने की तैयारी में Swiggy, Toing के जरिए Gen Z पर दांव; शेयर पर 54% तक का टारगेटMDR लागू हुआ तो UPI से लेनदेन होगा महंगा? ग्राहक या दुकानदार किस पर पड़ेगा बोझ, वित्त मंत्री ने क्या कहाLIC के नए कारोबार से मुनाफा 61% उछला, ब्रोकरेज बुलिश; शेयर में 42% तक तेजी की उम्मीदHero MotoCorp Q1: हाई बेस से मुनाफे पर दबाव, 17% की गिरावट; बिक्री में 23% की दमदार बढ़तGold silver price today: ग्लोबल तनाव के बीच भी सोना ₹497 चढ़ा, चांदी ₹2,157 उछली

इस साल मुनाफे में आ सकती है पेटीएम

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 9:51 AM IST

भारतीय फिनटेक दिग्गज पेटीएम इस साल मुनाफे में आ सकती है, क्योंकि कोविड-19 महामारी की वजह से उसके पेमेंट प्लेटफॉर्मों के इस्तेमाल में बड़ी तेजी आई है। कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी एवं संस्थापक ने रॉयटर्स नेक्स्ट कॉन्फ्रेंस में एक पैनल के साथ बातचीत में इसका खुलासा किया।
प्रौद्योगिकी के जरिये वित्तीय चुनौतियों से निपटने के विषय पर बोलते हुए पेटीएम के विजय शेखर शर्मा ने कहा कि संकट से ज्यादा संख्या में व्यवसायियों को पेटीएम के प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल करने और डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस साल भरपाई के स्तर पर पहुंच सकते हैं और फिर हम पैसा कमाना शुरू करेंगे। महामारी के दौरान 2020 में पैदा हुए अवसरों को देखकर मैं चकित था। न सिर्फ हमारे पूंजी खातों को मजबूती मिली बल्कि उधारी खंड से भी मदद मिली।’
लोगों के लिए अपने मोबाइल फोन रिचार्ज के तौर पर अपनी सेवा शुरू करने वाली पेटीएम मौजूदा समय में पूरे भारत में व्यवसायियों के लिए डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म, रकम स्थानांतरण और बिल भुगतान की पेशकश करती है। उसके उधारी व्यवसाय में अन्य ऋणदाताओं की भागीदारी में क्रेडिट कार्डों, पर्सनल लोन और मर्चेंट कैश लोन मुख्य रूप से शामिल हैं।
जब शर्मा से यह पूछा गया कि क्या चीन की फिनटेक दिग्गज आंट फाइनैंशियल और जापान की सॉफ्टबैंक द्वारा समर्थित पेटीएम जल्द ही शेयर बाजार में सूचीबद्घ होगी, तो उन्होंने कहा कि यदि यह लाभकारी होगा तो इस पर विचार किया जाएगा, लेकिन फिलहाल इस तरह की कोई योजना नहीं है।
पेटीएम की वैल्यू 2019 में निजी कोष उगाही दौर के दौरान करीब 16 अरब डॉलर थी।
ब्राजील की फिनटेक न्यूबैंक की सह-संस्थापक क्रिस्टीना जुंक्वीरा ने कहा कि कोरोनावायरस संकट से लैटिन अमेरिका में करोड़ों लोगों को पहली बार डिजिटल बैंकिंग की राह अपनाने के लिए आगे आना पड़ा था।
उन्होंने कहा, ‘महामारी की वजह से वित्तीय तौर पर प्रभावित हुए लोगों के लिए सरकारी राहत प्राप्त करने के तरीके तलाशने की भी जरूरत थी और उन्होंने डिजिटल माध्यम को अपनाने पर जोर दिया।’
न्यूबैंक अब अपने प्लेटफॉर्म पर जमाओं में आई तेजी का इस्तेमाल उधारी व्यवसाय बढ़ाने में करने पर विचार कर रहा है।
जुंक्वीरा ने कहा, ‘चूंकि सुधार आ रहा है और ऐसे में नए सिरे से कारोबारी ढांचे पर अमल करने की जरूरत है। मुश्किल दौर से जूझ चुकीं कंपनियां और लोगों को पैसे की जरूरत होगी। हमें उम्मीद है कि 2021 एक ऐसा वर्ष है जिसमें हम उधारी व्यवसाय 10 गुना बढ़ाने में सक्षम होने की कोशिश कर सकते हैं।’
क्रेडिट कार्ड को छोड़कर, न्यूबैंक की ऋण बुक जून 2020 तक 6.251 करोड़ डॉलर पर थी।
जुंक्वीरा ने कहा, ‘हमारे पास बड़ी तादाद में जमाएं हैं, इसलिए हम इसमें से ज्यादातर पूंजी 2021 में खर्च किए जाने की उम्मीद कररहे हैं और इससे आर्थिक विकास को मदद मिलेगी।’
उन्होंने कहा कि न्यूबैंक कब तक मुनाफे में आएगा, यह इस पर निर्भर करेगा कि वह कितनी तेज से विस्तार करताहै, लेकिन यह  18 महीने के अंदर हो सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी सूचीबद्घता को लेकर जल्दबाजी में नहीं है।

Advertisement
First Published - January 13, 2021 | 11:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement