रिलायंस इंडस्ट्रीज के आंशिक चुकता शेयर और पूर्ण चुकता शेयरों के बीच का फासला कम होता जा रहा है क्योंकि इस महीने इसकी किस्त के भुगतान का समय आ रहा है। मंगलवार को आंशिक चुकता शेयर (जिसे पिछले साल 53,124 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू के तहत जारी किया गया था) का कारोबार महज 16.3 रुपये के प्रीमियम पर हुआ। नवंबर 2020 में इसका प्रीमियम 130 रुपये तक देखा गया था।
इस महीने रिलायंस ने पहली किस्त के भुगतान के बारे में विस्तृत जानकारी का ऐलान किया था। इसके तहत आरआईएल के आंशिक चुकता शेयरधारकों को 12 मई की रिकॉर्ड तारीख के तहत दूसरी किस्त के तौर पर 31 मई तक कंपनी को 314.25 रुपये प्रति शेयर का भुगतान करना है।
मई 2020 में राइट्स इश्यू के समय राइट्स इश्यू के खरीदारों ने 2.5 रुपये वाले एक आंशिक चुकता शेयर के लिए 314.25 रुपये का भुगतान किया था। 628.5 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से अंतिम किस्त इस साल नवंबर में चुकाना होगा। इसके बाद आंशिक चुकता शेयरों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा क्योंकि वे पूर्ण चुकता शेयरों में तब्दील हो जाएंगे।
विश्लेषकों ने कहा कि आंशिक चुकता शेयर और पूर्ण चुकता शेयरों के बीच घटते प्रीमियम से संकेत मिल रहा है कि बड़े निवेशक आंशिक चुकता से पूर्ण चुकता शेयर की ओर बढ़ रहे हैं।
एडलवाइस सिक्योरिटीज के विश्लेषक अभिलाष पगारिया ने कहा, हम लंबी अवधि के शेयरधारकों को धीरे-धीरे पूर्ण चुकता शेयर की ओर बढऩे की सलाह दे रहे हैं। हमारे अनुमान के मुताबिक प्रीमियम अब घटकर 16 रुपये रह गया है और अक्टूबर तक यह प्रीमियम गायब हो जाएगा।
ऐसे में आरआईएल के आंशिक चुकता शेयरों की खरीद के लिए निवेशक भारी-भरकम प्रीमियम का भुगतान क्यों कर रहे थे?
एक विश्लेषक ने कहा, जब कंपनी ने ये शेयर जारी किए तब पहली कॉल डेट 12 महीने दूर थी और अंतिम कॉल 18 महीने दूर। ऐसे में आंशिक चुकता शेयरधारकों को लग रहा था कि राइट्स इश्यू की कीमत 1,257 रुपये का भुगतान 18 महीने में होना है। प्रीमियम तकनीकी तौर पर ब्याज था, जो वे टुकड़ों में चुका रहे थे। अब हम वैल्यू में समय के साथ कमी देख रहे हैं क्योंकि भुगतान की तारीख नजदीक आ रही है।
विशेषज्ञों ने कहा, काफी निवेशक पूर्ण चुकता शेयरों की ओर बढ़ रहे हैं क्योंकि यह बेहतर लिक्विडिटी की पेशकश करता है। हालांकि बाजार के प्रतिभागियों का मानना है कि आंशिक चुकता शेयर भारी छूट की ओर नहीं फिसलेंगे क्योंकि यह निवेशकों के लिए आर्बिट्रेज का मौका सृजित कर देगा। इसकी वजह यह होगाी कि अभी पूर्ण चुकता शेयर की कीमत राइट्स इश्यू की कीमत के मुकाबले 50 फीसदी से भी ज्यादा है।
प्रीमियम से यह पता चलेगा कि आरआईएल का शेयर निकट भविष्य में किस तरह का प्रदर्शन करेगा। साल 2020 में अच्छे खासे उछाल के बाद इस साल मुकेश अंबानी की अगुआई वाली कंपनी के शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
आरआईएल का सामान्य शेयर 16 सितंबर, 2020 के अब तक के सर्वोच्च स्तर से 16 फीसदी नीचे आ चुका है। आंशिक चुकता शेयर, सामान्य शेयरों का हाई वीटा वर्जन रहा है और यह इस अवधि में 29 फीसदी नीचे आया है।
बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि अगर निवेशकों को उम्मीद है कि आरआईएल के शेयर का भाव अभी और नवंबर के बीच बेहतर रहेगा तो वे कम प्रीमियम रहते हुए भी आंशिक चुकता शेयरों में निवेश कर सकते हैं क्योंकि उसी रकम में वे ज्यादा आंशिक चुकता शेयर खरीद सकेंगे।
सोमवार को मॉर्गन स्टैनली ने एक नोट में इस शेयर को ओवरवेट रेटिंग दी है और लक्षित कीमत 2,262 रुपये प्रति शेयर बताई है। ब्रोकरेज ने कहा, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल में तेजी, दूरसंचार में सुधार और गैस उत्पादन में बढ़ोतरी से आय में होने वाला इजाफा निवेशकों को आरआईएल की आय में वित्त वर्ष 20-23 में 23 फीसदी सीएजीआर के प्रति भरोसा बढ़ाएगा। परिसंपत्ति मुद्रीकरण और ई-कॉमर्स में तेजी से भी कंपनी का प्रदर्शन उम्दा रहेगा।