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लिफ्टिंग समाधान क्षेत्र की ऑस्ट्रिया की दिग्गज पालफिंगर ने भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए टीवीएस मोबिलिटी ग्रुप के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। कंपनी ने पुणे में विनिर्माण संयंत्र लगाने के लिए 3 करोड़ यूरो (लगभग 350 करोड़ रुपये) के शुरुआती निवेश का वादा किया है।
यह संयंत्र साल 2027 के आखिर तक चालू होने की उम्मीद है। साल 2007 में भारत में प्रवेश करने के बाद से यह संयंत्र देश में पालफिंगर का सबसे बड़ा स्थानीयकरण कदम है। अनुबंध के तहत टीवीएस मोबिलिटी ग्रुप भारत में पालफिंगर के एंड-टु-एंड मोबिलिटी साझेदार के तौर पर काम करेगी। यह अनुबंध आपूर्ति श्रृंखला, लॉजिस्टिक, बिक्री, सर्विस, स्पेयर पार्ट वितरण और आफ्टरमार्केट परिचालनों में संयुक्त मदद करेगा।
इस साझेदारी का दायरा सामान्य वितरण प्रारूप से आगे तक है। इसमें दूर-दराज और बुनियादी ढांचे के लिहाज से व्यापक जगहों पर ग्राहकों के लिए अपटाइम, सर्विस की प्रतिक्रियाएं और परिचालन समाधानों पर खास ध्यान दिया गया है। पालफिंगर के मुख्य कार्य अधिकारी एंड्रियास क्लॉसर ने कहा, ‘यह साझेदारी ग्राहकों के और करीब जाने के संबंध में है।’
उन्होंने यह भी कहा कि भारत कंपनी की नई ‘रणनीतिक 2030 प्लस’ के तहत उसके लिए विकास का अकेला सबसे बड़ा मौका बनकर उभरा है। लगभग 2.5 अरब यूरो का वैश्विक राजस्व दर्ज करने वाली कंपनी को उम्मीद है कि भारत उसके वैश्विक राजस्व में दो अंकों में हिस्सेदारी करेगा।
पुणे संयंत्र की शुरुआती सालाना क्षमता 1,000 से ज्यादा इकाइयों की होगी। इसमें मुख्य रूप से ट्रक पर लगी क्रेन और स्टील के जरूरी पुर्जे होंगे। ये न केवल घरेलू मांग बल्कि एशिया-प्रशांत और दूसरे इलाकों के निर्यात बाजार को भी पूरा करेगी।