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अस्पताल खुद बनेंगे बीमाकर्ता, मरीजों के लिए हो सकती है राहत!

अस्पतालों का बीमाकर्ता बनना दावों और इलाज की कीमतों में विवाद घटाकर स्वास्थ्य सेवा को किफायती बना सकता है।

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आतिरा वारियर   
Last Updated- February 23, 2026 | 7:26 AM IST

नारायणा हेल्थ के अध्यक्ष व संस्थापक देवी प्रसाद शेट्टी ने कहा कि अधिक अस्पताल अपनी बीमा शाखाएं शुरू करते हैं तो अस्पतालों और बीमा कंपनियों में दावों व इलाज की कीमतों को लेकर विवाद भी सुलझ सकते हैं। अस्पतालों की बीमा शाखाएं खुलने से कीमतों के प्रति अस्पतालों के दृष्टिकोण में मौलिक रूप से बदलाव आएगा और स्वास्थ्य सेवाओं को मुनासिब दाम में मुहैया कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि 5-7 वर्षों में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता के मामले में किसी व्यक्ति की संपदा से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शेट्टी ने मुंबई में एक्चुअरीज के 25वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीमा कंपनियों और अस्पतालों के साथ समस्या सार्वभौमिक है और भारत कोई अपवाद नहीं है। दरअसल, अस्पताल अधिक धन चाहते हैं और बीमा कंपनियां कम भुगतान करना चाहती हैं।

शेट्टी ने कहा, ‘लेकिन जैसे-जैसे अधिक से अधिक स्वास्थ्य बीमा कंपनियां आएंगी, वैसे-वैसे बीमा के अभिनव तरीकों के कारण इसमें सुधार होगा। जैसे एक अस्पताल, जब वह एक बीमा कंपनी बन जाता है तो खेल के नियम बदल जाते हैं। दरअसल मैं एक बीमा कंपनी के रूप में अधिक पैसा नहीं कमाना चाहता क्योंकि मैं चाहता हूं कि अपने मरीजों की देखभाल करने की स्थिति में रहना चाहता हूं। स्वास्थ्य सेवा के प्रति पूरा दृष्टिकोण बदल जाएगा जब अस्पताल स्वास्थ्य बीमा कंपनियां बन जाएंगे। ऐसे में कई और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों, डिजिटल-चालित बीमा कंपनियों का प्रवेश होगा।’

उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों का बीमाकर्ता बनना स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र – अस्पतालों, बीमा कंपनियों और मरीजों – में हितधारकों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

शेट्टी ने कहा कि देश में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या लगभग तीन गुना हो गई है और मरीजों की देखभाल के लिए पर्याप्त बिस्तर (बेड) हैं। देश में स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने में एकमात्र गायब कड़ी यह है कि 70 प्रतिशत लोगों के पास स्वास्थ्य सेवा के लिए भुगतान करने के लिए नकदी नहीं हो सकती है। हालांकि शेट्टी को उम्मीद है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और निजी स्वास्थ्य बीमा के साथ अगले 5 से 7 वर्षों में सभी के लिए कॉर्पोरेट अस्पताल या सरकारी अस्पताल में देखभाल के लिए प्रवेश करने के लिए पर्याप्त कवरेज होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईएमआई-आधारित प्रीमियम भुगतान भी जनता के लिए स्वास्थ्य बीमा को वहनीय बनाने में मदद करेगा।

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्चुअरीज संस्थान को एक्चुअरीज के 25वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस के लिए बधाई देते हुए अपने संदेश में वित्तीय समावेशन और सुरक्षा का विस्तार करने के लिए शुरू की गई कई सरकारी योजनाओं के कैलिब्रेशन और सफलता में एक्चुअरीज के महत्त्व को रेखांकित किया।

First Published : February 23, 2026 | 7:26 AM IST