facebookmetapixel
जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?

ONGC ने सरकार से अप्रत्याशित लाभ कर खत्म करने का अनुरोध किया

Last Updated- December 11, 2022 | 3:28 PM IST

भारत की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक ओएनजीसी ने सरकार से घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर लगाए गए अप्रत्याशित लाभ कर को खत्म करने का अनुरोध किया है। ओएनजीसी ने कहा कि इसकी जगह सरकार को लाभांश के रास्ते का इस्तेमाल करना चाहिए। गौरतलब है कि वैश्विक कीमतों में आए जोरदार उछाल के चलते तेल कंपनियों का लाभ अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है।

इस मामले से परिचित दो सूत्रों ने कहा कि कंपनी प्राकृतिक गैस के लिए 10 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट की निचली कीमत का समर्थन करती है। वर्तमान सरकार ने प्राकृतिक गैस के लिए यह मूल्य तय किया है।

सरकारी अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के प्रबंधन ने कहा कि घरेलू तेल उत्पादकों पर अप्रत्याशित लाभ कर लगाना अनुचित था। खासतौर से उस वक्त, जब सरकार ने रूस से रियायती तेल खरीद कर बचत सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि रूस से रियायती कच्चे तेल की खरीद से 35,000 करोड़ रुपये की बचत हुई और इसका इस्तेमाल घरेलू उत्पादन को बढ़ाने में किया जाना चाहिए। ओएनजीसी प्रबंधन ने सरकार से कहा कि रूसी तेल खरीद से होने वाली बचत को उस कंपनी को दिया जाए, जो इसे चिन्हित परियोजनाओं में निवेश करेगी।

उन्होंने कहा कि कंपनियों पर अप्रत्याशित लाभ कर लगाने के बजाय मुनाफा अर्जित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। कंपनी प्रबंधन ने सरकार से कहा कि इस उच्च लाभ का उपयोग लाभांश के लिए किया जा सकता है, जो धन के वितरण का एक अधिक न्यायसंगत तरीका है। मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार ओएनजीसी शुद्ध लाभ का 30 प्रतिशत तक वार्षिक लाभांश देती है।

First Published - September 18, 2022 | 11:51 AM IST

संबंधित पोस्ट