facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

चिकित्सीय परीक्षणों में भारत पर ध्यान बढ़ाएगी नोवो नॉर्डिस्क

कंपनी वर्ष 2025 तक नई दवाएं पेश करने की योजना बना रही है और उसने यहां अपनी क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है

Last Updated- June 20, 2023 | 10:23 PM IST
Novo Nordisk to increase focus on India in clinical trials

डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने मधुमेह के अलावा कई अन्य रोगों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही भारत उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार बन गया है।

भारत के इंसुलिन बाजार में 50 प्रतिशत से ज्यादा भागीदारी वाली यह कंपनी अपनी बेसल इंसुलिन ‘आइसोडेक’ पेश करने की योजना बना रही है, जिसे सप्ताह में सिर्फ एक बार लिए जाने की जरूरत होगी। कंपनी ने यहां अपनी निर्माण क्षमता दोगुनी करने के लिए अपनी निर्माण भागीदार टॉरंट फार्मास्युटिकल्स के साथ बातचीत शुरू की है।

नोवो नॉर्डिस्क के भारतीय व्यवसाय के लिए प्रबंध निदेशक एवं कॉरपोरेट उपाध्यक्ष विक्रांत श्रोत्रिया ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हमारा ध्यान गंभीर रोगों पर है, और हम इस संबंध में अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। हम संपूर्ण क्रोनिक डिजीज सेगमेंट के लिए चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना चाहेंगे। ये सभी रोग, मधुमेह, लिवर, गुर्दे की समस्या, अवसाद, ह्रदय की समस्याएं, सभी का आपस में संबंध है।’ उन्होंने कहा कि हमारा मकसद डेनमार्क और अमेरिका में नई पेशकशों को जल्द ही भारत में भी लाना होगा।

श्रोत्रिया ने कहा कि जहां तक ओरल लॉन्ग ऐ​क्टिंग जीएलपी-1 एनालॉग ओबेसिटी दवा का सवाल है, तो इसे एक बार दैनिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता है और वै​श्विक तौर पर इसकी भारी मांग है। उन्होंने कहा, ‘हम क्षमता वृद्धि की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत में अपने मौजूदा भागीदार टॉरंट फार्मास्युटिकल्स के साथ बातचीत चल रही है, क्योंकि हम यहां अपनी क्षमता दोगुनी करने की संभावना तलाश रहे हैं।’

भारत का इंसुलिन बाजार करीब 3,500-4,000 करोड़ रुपये पर अनुमानित है जो 10 प्रतिशत सालाना दर से बढ़ रहा है।

First Published - June 20, 2023 | 9:13 PM IST

संबंधित पोस्ट