facebookmetapixel
छत्तीसगढ़ के हर जिले में निवेश बढ़ा, रायपुर से परे औद्योगिक विकास का नया चेहरा: सायWEF में भारत को सराहा गया, टेक महिंद्रा सहित भारतीय कंपनियों का AI में वैश्विक स्तर पर जोरदार प्रदर्शनIndia Manufacturing Index 2026: भारत छठे पायदान पर, बुनियादी ढांचे और कर नीति में सुधार की जरूरतभारत-यूएई रिश्तों में नई छलांग, दोनों देशों ने 2032 तक 200 अरब डॉलर व्यापार का रखा लक्ष्यचांदी ने तोड़ा सारे रिकॉर्ड: MCX पर 5% उछाल के साथ ₹3 लाख प्रति किलो के पार, आगे और तेजी के संकेतदिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का तीसरा रनवे 16 फरवरी से पांच महीने बंद रहेगाQ3 नतीजों में सुस्ती: मुनाफा वृद्धि 17 तिमाहियों के निचले स्तर पर, आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में‘महंगे सौदों से दूरी, वैल्यू पर फोकस’, ITC के कार्यकारी निदेशक ने FMCG रणनीति पर खोले अपने पत्तेसबसे कम उम्र में BJP अध्यक्ष का पद संभालेंगे नितिन नवीन, पार्टी के शीर्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवारJIO का IPO आने के बाद महंगे होंगे रिचार्ज, जुलाई से टेलीकॉम यूजर्स पर बढ़ने वाला है बोझ

कार्लाइल सौदे में फैसले पर कोई गलती नहीं

Last Updated- December 12, 2022 | 2:08 AM IST

पीएनबी के प्रबंध निदेशक एसएस मल्लिकार्जुन राव ने कहा कि पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस (पीएनबीएचएफएल) के लिए कोष उगाही को अंतिम रूप देने में कोई गलती नहीं हुई थी और मॉर्गेज ऋणदाता की शेेयर कीमत में वृद्धि की उम्मीद नहीं की जा सकती थी।
राव ने बैंक की आय से संबंधित संवाददाता सम्मेेलन के दौरान पहली बार इस सौदे के बारे में बात करते हुए कहा, ‘यदि पिछले ढाई वर्षों में पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस की शेयर कीमतों पर विचार किया जाए तो पता चलता है कि ये नीचे बनी रहीं। पूंजी और खुलासा शर्तों की समस्या (आईसीडीआर) दिशा-निर्देशों से सूचीबद्ध कंपनियों के लिए मूल्य निर्धारण के लिए फॉर्मूले का इस्तेमाल किए जाने का संकेत मिलता है। निर्णय लेने की तारीख तक किसी ने यह नहीं सोचा होगा कि कीमत बाद के दिनों में इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी।’ राव ने कहा कि जब मॉर्गेज ऋणदाता ने कानूनी कंपनियों से परामर्श किया तो यह राय सामने आई थी कि बाजार नियामक सेबी आईसीडीआर नियम कंपनीज आर्टीकल्स ऑफ एसोसिएशन (एओए) पर लागू होते हैं।
राव ने कहा कि पीएनबी ने इस सौदे पर अपना रुख नहीं बदला या पूर्व के नजरिये के विपरीत कार्य नहीं किया है। 18 जून को सेबी द्वारा पीएनबीएचएफएल को निर्देश दिया था और आवासीय ऋणदाता इसे लेकर स्थिति स्पष्ट करना चाहती थी कि क्या इस योजना पर वोटिंग बरकरार रह सकती है। मॉर्गेज ऋणदाता इसके बाद प्रतिभूति अपीलीय प्राधिकरण (सैट) चली गई और प्राधिकरण ने वोटिंग बरकरार रखने के लिए अंतरिम फैसला दिया। हालांकि 25 जून को सेबी ने पीएनबीएचएफएल के सभी निर्देशकों को पत्र भेजा। पीएनबी ने अपनी आवास वित्त इकाई को सेबी के निर्देश के अनुसार निवेशकों के साथ अपने कोष उगाही के सौदे को पुनर्गठित करने की सलाह दी थी। हालांकि पीएनबीएचएफएल ने सैट के आदेश के लिए इंतजार करने का निर्णय लिया था।
अलग-अलग कानूनी व्याख्याओं से सैट के निर्णय पर विराम लगेगा। उन्होंने कहा, ‘हम सैट के निर्णय का इंतजार करेंगे और पत्र के निर्देशों पर अमल करेंगे।’
निर्णय के आधार पर, जरूरत पडऩे पर कोष उगाही के लिए अन्य विकल्प तलाशे जाएंगे।

First Published - August 4, 2021 | 12:51 AM IST

संबंधित पोस्ट