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मीशो का क्षेत्रीय भाषा पर जोर

Last Updated- December 11, 2022 | 4:41 PM IST

सॉफ्टबैंक के निवेश वाली फर्म मीशो ने अपने प्लेटफॉर्म पर आठ नई क्षेत्रीय भाषाओं को जोड़ा है। कंपनी ने यह पहल सभी के लिए इंटरनेट वा​णि​ज्यिक सेवाएं उपलब्ध कराने के ​अपने मिशन के तहत की है। साथ ही यह पहल त्योहारी सीजन से ठीक पहले की गई है। इस दौरान देश भर के लाखों उपयोगकर्ता इस प्लेटफॉर्म पर लेनदेन करेंगे। मीशो प्लेटफॉर्म पर शामिल किए गए क्षेत्रीय भाषाओं में बंगाली, तेलुगू, मराठी, तमिल, गुजराती, कन्नड़, मलयालम और उड़िया शामिल हैं। मीशो के ग्राहक अब एंड्रॉयड फोन पर अपने खाते को ऐक्सेस करने, उत्पाद संबंधी सूचनाएं हासिल करने, ऑर्डर देने व उसे ट्रैक करने और भुगतान करने के लिए पसंदीदा भाषा का चयन कर सकेंगे।
मीशो के संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अ​धिकारी संजीव बर्नवाल ने कहा, ‘हमारे करीब 50 फीसदी उपयोगकर्ता ई-कॉमर्स के लिए नए हैं और शायद उन्होंने ऐसे प्लेटफॉर्म के जरिये पहले कभी कोई लेनदेन नहीं किया है।’ उन्होंने कहा कि मीशो ने अपने प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करते हुए ई-कॉमर्स के दौरान भाषागत बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया है।
पिछले साल मीशो ने अपने प्लेटफॉर्म पर हिंदी को शामिल किया था जिसका लोगों ने खूब उपयोग किया है। मीशो प्लेटफॉर्म पर हिंदी के उपयोग की दर अब तक 20 फीसदी रही है। मीशो के अ​धिकांश ग्राहक अहमदाबाद, वडोदरा और जमशेदपुर जैसे छोटे एवं मझोले शहरों और गैर-हिंदी भाषी राज्यों से आते हैं। इन राज्यों में लोग हिंदी अथवा अंग्रेजी दोनों के बजाय क्षेत्रीय भाषा में सहज महसूस करते हैं।

First Published - August 11, 2022 | 11:53 AM IST

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