facebookmetapixel
Advertisement
विधानसभा उपचुनावों में 17 सालों से सत्ता पक्ष का रहा है दबदबा, 53% सीटों पर हासिल की जीतबिहार में शराबबंदी से नहीं थमा महिलाओं के खिलाफ अपराध, पर राज्य में बढ़ा अवैध शराब का कारोबारभारतीय मीडिया उद्योग में तीन गुना बढ़ने की क्षमता, नियमों के शिकंजे से मिले आजादी: सुभाष चंद्राफाइनेंशियल सेक्टर में AI को अपनाने के साथ सुरक्षा भी बढ़ानी होगी, नुकसान का न करें इंतजार: CEA नागेश्वरन‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिज

धनशोधन पर कोछड़ और धूत को समन

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 8:42 AM IST

धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के एक विशेष न्यायालय ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोछड़, वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत और अन्य लोगों को समन भेजा है। न्यायालय ने इन लोगों को उनके खिलाफ दर्ज धन शोधन मामले में 12 फरवरी को पेश होने का निर्देश दिया है।
इस कदम से कोछड़ और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू हो जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले वर्ष नवंबर में कोछड़ और अन्य लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए थे। सूत्रों के अनुसार ईडी ने पाया है कि चंदा कोछड़ के पति दीपक कोछड़ की कंपनियों के जरिये 72 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई थी। इनमें कुछ रकम ऋण मंजूर कराने के लिए रिश्वत के तौर पर दी गई थी। इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया है कि मुंबई के चर्चगेट में चंदा कोछड़ का फ्लैट वेणुगोपाल धूत द्वारा कथित तौर पर दी गई रकम के जरिये खरीदा गया था। इस फ्लैट का बाजार मूल्य 30 करोड़ रुपये है।
आरोप पत्र का संज्ञान लेने और दर्ज शिकायतों पर गौर करने के बाद न्यायालय ने कहा कि चंदा कोछड़ ने धूत और वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को ऋण आवंटन करने में अपने पद का दुरुपयोग किया था। न्यायालय ने कहा, ‘ईडी ने जो साक्ष्य जुटाए हैं उनसे एक सोची-समझी साजिश का पता चलता है।’ पीएमएलए न्यायाधीश ने कहा कि आरोप पत्र में पेश तथ्य एवं साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू करने के लिए काफी हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड ने न्यायालय का समन देखा है।
न्यायालय के अदेश में ईडी द्वारा जुटाए गए सबूतों का भी जिक्र किया गया है, जो आरोपपत्र का हिस्सा हैं। इनके अनुसार चंदा और दीपक कोछड़ लंबे समय से धूत के साथ संपर्क में थे। 1992 में दीपक कोछड़ ने अपनी माता के साथ विकविन फाइनैंस प्राइवेट लिमिटेड (वीएफपीएल) की स्थापना की थी। बाद में 1994 में इस कंपनी का नाम बदल कर क्रेडेंशियल फाइनैंस (सीएफएल) कर दिया गया। इस कंपनी में चंदा कोछड़ को भी शेयर आवंटित किए गए थे। उसी वर्ष धूत ने सीएफएल में लगभग 10 करोड़ रुपये निवेश किए थे। बाद में इस कंपनी का विलय ब्लूम फील्ड बिल्डर्स ऐंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में कर दिया गया।
ऐसे आरोप लगे थे कि आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ और ऋण मंजूरी समिति का चेयरमैन होने के नाते चंदा कोछड़ ने वीडियोकॉन इंटरनैशनल इलेक्ट्रॉनिक्स को 300 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया और अगले ही दिन इस रकम में से 64 करोड़ रुपये दीपक कोछड़ की कंपनी न्यूपावर रीन्यूएबल्स को भेज दिए गए।

Advertisement
First Published - February 5, 2021 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement