facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता शुरू, इस्लामाबाद में जेडी वेंस और घालिबाफ आमने-सामने: रिपोर्टशहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर से मिला ईरानी डेलीगेशन, इस्लामाबाद पर टिकी दुनिया की नजरेंडीजल और हवाई ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी, पेट्रोल पर टैक्स में कोई बदलाव नहींFixed Deposit interest rates 2026: 444 दिन की जमा पर मिलेगा 6.6% तक ब्याज, ये बैंक दे रहे मौकाStock Market Next Week: अगले हफ्ते इस दिन बंद रहेगा मार्केट, कैलेंडर चेक कर करें अपनी प्लानिंग!UPI पर चार्ज लगा तो 75% लोग इस्तेमाल कर देंगे बंद! सर्वे में सामने आई डिजिटल इंडिया की नई चुनौती1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर! पशुपति कॉटस्पिन करने जा रही स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेअमित क्षत्रिय: अमेरिका के मून मिशन के पीछे मौजूद भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक की पूरी कहानीसरकार का बड़ा कदम, 2 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी खांसी की दवाऑटो सेक्टर के इस शेयर में आएगी तेजी! ब्रोकरेज ने दिया ₹1,860 का टारगेट, 6 महीने में मिल सकता है तगड़ा मुनाफा!

Jio ने 3,720 करोड़ रुपये जमा किए

Advertisement
Last Updated- December 22, 2022 | 10:49 PM IST
Reliance Jio

दूरसंचार प्रमुख जियो (Jio) की सहायक कंपनी रिलायंस प्रोजेक्ट ऐंट प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सर्विस ने रिलायंस इन्फ्राटेल के मोबाइल टावर और फाइबर एसेट का अधिग्रहण करने के लिए एसबीआई एस्क्रो खाते में 3,720 करोड़ रुपये जमा किए हैं।

आरआईएल के अनुसार जियो की शाखा आरपीपीएमएसएल के पास अब रिलायंस इन्फ्राटेल की 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण ने नवंबर में रिलायंस इन्फ्राटेल (आरआईटीएल) के अधिग्रहण के लिए जियो को मंजूरी दे दी थी। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस इन्फ्राटेल का लेन-देन पूरा हो गया है। एनसीएलटी ने जियो को एसबीआई एस्क्रो खाते में 3,720 करोड़ रुपये जमा करने के निर्देश दिए थे।

अरबपति मुकेश धीरूभाई अंबानी की अगुआई वाली कंपनी जियो ने नवंबर 2019 में अपने छोटे भाई अनिल अंबानी के प्रबंधन वाली फर्म रिलायंस कम्युनिकेशंस की कर्ज में डूबी सहायक कंपनी की टावर और फाइबर एसेट का अधिग्रहण करने के लिए 3,720 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।

यह भी पढ़ें: Tata Communications 486 करोड़ रुपये में Switch Enterprises का करेगी अधिग्रहण

न्यायाधिकरण ने जियो को आरकॉम के टावर और फाइबर एसेट के अधिग्रहण को पूरा करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एस्क्रो खाते में 3,720 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा। 6 नवंबर को, जियो ने रिलायंस इंफ्राटेल के अधिग्रहण को पूरा करने के लिए एक एस्क्रो खाते में 3,720 करोड़ रुपये जमा करने का प्रस्ताव दिया था। रिलायंस इन्फ्राटेल इस समय दिवाला समाधान प्रक्रिया से गुजर रहा है।

Advertisement
First Published - December 22, 2022 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement