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मल्टीप्लेक्स को मिली हरी झंडी, रुपहले पर्दे पर आशंका के बादल

Last Updated- December 14, 2022 | 11:06 PM IST

अक्सर ऐसा कहा जाता है किसी भी हाल में शो जारी रहना चाहिए। लेकिन पिछले छह महीनों में हमें इस बात का अंदाजा मिल चुका है कि कैसे कई शो बाधित हो सकते हैं। साल की करीब आधी अवधि तक सिनेमा हॉल के बंद रहने के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने इसे खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन यह कहना जितना आसान है इस पर अमल करना उतना ही मुश्किल है।
हालांकि सिनेमाघरों ने प्रतिबंध हटाने और सिनेमाघरों को 15 अक्टूबर से फिर से खोलने की अनुमति देने के गृह मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया है लेकिन उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहने वाली है। गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों पर अभी सात राज्यों ने अपनी सहमति नहीं दी है।  
महाराष्ट्र पहले ही संकेत दे चुका है कि वह अक्टूबर में सिनेमा हॉल को फिर से खोलने की अनुमति नहीं देगा। राज्य ने लॉकडाउन को महीने के आखिर तक बढ़ा दिया है। उद्योग सूत्र कहते हैं कि दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे अन्य राज्यों को अभी अपना रुख स्पष्ट करना है।
मल्टीप्लेक्स चेन कार्निवल सिनेमा के प्रबंध निदेशक पी वी सुनील कहते हैं, ‘हम इन राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर रहे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि अब से लेकर 15 अक्टूबर के बीच इनमें से कुल राज्य अपने फैसले की समीक्षा करेंगे। कोविड 19 से जुड़ी चिंताएं तो बनी रहेंगी।’
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ  इंडिया ने एक बयान में कहा कि सभी राज्यों से अनुमति मिलने से फिल्म दिखाने के कारोबार को कोविड-19 महामारी की वजह से पड़े वित्तीय असर की भरपाई करने में काफी मदद मिलेगी जो एक महीने में 1,500 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
भारत में 9,600 स्क्रीन में से 70 फीसदी सिंगल स्क्रीन हैं और 30 फीसदी मल्टीप्लेक्स स्क्रीन हैं। लेकिन मल्टीप्लेक्स देश के थिएटरों से होने वाली आधे से अधिक की कमाई करते हैं और उन पर यह सुनिश्चित करने का दबाव है कि सुरक्षा, साफ-सफाई और सामग्री से जुड़े सभी मानकों को पूरा किया जाए। इलारा कैपिटल के उपाध्यक्ष (शोध) करण तौरानी कहते हैं, ‘एक और चुनौती अक्टूबर में नई फिल्म सामग्री मिलने की होगी।’ विशेषज्ञ कहते हैं कि मिसाल के तौर पर पीवीआर और आईनॉक्स के कुल राजस्व का 20 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र से आता है। दोनों प्रमुख मल्टीप्लेक्स परिचालकों में शामिल हैं जिनकी देश भर में उपस्थिति है।
फिल्म निर्माता भी अक्टूबर-नवंबर की अवधि में फिल्में रिलीज करने की जल्दी में नहीं हैं जिसका मतलब यह है कि इस तिमाही से थिएटर मालिकों, मल्टीप्लेक्स या सिंगल स्क्रीन को ज्यादा मदद मिलेगी। अक्षय कुमार और कटरीना कैफ  अभिनीत फिल्म ‘सूर्यवंशी’, आमिर खान और करीना कपूर खान अभिनीत फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ और रणवीर सिंह और दीपिका पडुकोणे अभिनीत 83 जैसी फिल्में दिसंबर तिमाही में संभावित रूप से रिलीज हो सकती हैं। लेकिन सूर्यवंशी इस तिमाही में रिलीज होने वाली एकमात्र बड़ी फिल्म हो सकती है हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि 83 साल के आखिर में रिलीज हो सकती है।
सिंगल स्क्रीन का संकट
आने वाला हफ्ता सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों के लिए कठिन लग रहा है क्योंकि वे कोरोनावायरस महामारी से पहले और बाद में लॉकडाउन की वजह से भी अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे थे। मुंबई के कालबादेवी रोड पर एडवर्ड थिएटर में सलाहकार संजय हीरालाल वसावा याद करते हुए कहते हैं, ‘हम हाउसफुल के दौर से काफी आगे आ गए हैं जब लोग ब्लैक में भी टिकट खरीदते थे। इसके 1914 में खोला गया था और इसका नाम किंग एडवर्ड पंचम पर रखा गया जिन्होंने उस साल मुंबई का दौरा किया था और यह शहर के सबसे पुराने सिनेमाघरों में से एक है।’
वह कहते हैं, ‘मल्टीप्लेक्स सूर्यवंशी को रिलीज करने के लिए होड़ लगा देंगे। इस वक्त फिल्मों की भी काफी कमी हैं। इसके अलावा एक दिक्कत यह है कि फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर जाने के बजाय लोगों के पास नेटफ्लिक्स और एमेजॉन प्राइम वीडियो पर छह घंटे की वेब सीरीज देखने का भी विकल्प है।’ वह आगे कहते हैं कि फिल्म थिएटरों को निर्माताओं और वितरकों के पीछे भागना पड़ेगा।

First Published - October 4, 2020 | 11:07 PM IST

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