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आईआईटी कानपुर की ऊंची उड़ान

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Last Updated- December 07, 2022 | 4:42 PM IST

इंजीनियरिंग अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मजबूत स्थिति दर्ज कराने के बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आईआईटीके) अब सरकारी और निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित परियोजनाओं में सलाहकार की भूमिका अदा कर रहा है।


इस संस्थान ने मुंबई स्थित एक प्रमुख निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को भवन निर्माण के लिए तकनीकी सलाह प्रदान करने का जिम्मा लिया है, जिसके पूरा हो जाने के बाद वह इमारत देश की गगनचुंबी इमारतों की सूची में शीर्ष पर होगी।

उल्लेखनीय है कि संस्थान के प्रोफेसर पहले ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रस्तावित चंद्र अभियान-‘चंद्रयान’ के लिए सलाह और सहायता प्रदान कर रहे हैं। कानपुर विकास प्रधिकरण (केडीए) ने भी कानपुर-लखनऊ हाइवे के लिए प्रस्तावित ट्रांस-गंगा सिटी आवासीय परियोजना के लिए संस्थान से डिजाइनिंग के लिए सहयोग मांगा है।

इसके अलावा, संस्थान भारतीय रेलवे के साथ पर्यावरण के अनुकूल शौचालय का इस्तेमाल तथा सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए ट्रेनों की सटीक स्थिति बताने जैसी कई नवीन परियोजनाओं पर काम कर रहा है। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एस. धंडे ने बताया कि व्यवसाय प्रबंध में मास्टर डिग्री (एमबीए) की पढ़ाई करने वाले संस्थान के छात्र अब स्थानीय उद्योगपतियों को मुफ्त परामर्श सेवाएं देंगे।

उन्होंने बताया कि शहर में बहुत से बीमार उद्योगों का प्रबंधन विशेषज्ञता के जरिए पुनरुध्दार किया जाएगा। धंडे ने बताया, ‘इस पहल से संस्थान के छात्रों को भी उद्योगों के समक्ष आने वाली व्यवहारिक समस्याओं को समझने में सहायता मिलेगी और वे वास्तविक जीवन में आने वाली समस्याओं पर सैध्दांतिक अवधारणाओं को लागू सकेंगे।’

सरकारी और निजी क्षेत्रों की परियोजनाओं में सलाहकार की भूमिका अदा कर रहा है संस्थान
भारतीय रेल को भी दे रहा तकनीकी सहायता
स्थानीय उद्योगों को निशुल्क सलाह देंगे संस्थान के छात्र

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First Published - August 11, 2008 | 11:44 PM IST

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