facebookmetapixel
Advertisement
शेयर बाजार में धमाका: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं 1 के बदले 10 शेयर, नोट कर लें तारीख!यूपी सरकार ने FY27 के लिए तय किया ₹71,278 करोड़ का भारी-भरकम आबकारी लक्ष्य, पहले तीन महीने में रिकॉर्ड कमाईअब उत्तर प्रदेश से सीधे विदेश जाएगा आम, हॉट वेपर ट्रीटमेंट की व्यवस्था राज्य में ही करने जा रही योगी सरकारउत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कोल इंडिया और UPRVUNL के बीच हुआ बड़ा समझौताफार्मा कंपनियों को सरकार से बड़ी राहत, अब दवा की वास्तविक ओवरचार्जिंग पर ही होगी कार्रवाईभीषण गर्मी और लू का असर: IEX पर 32% महंगी हुई बिजली, दाम बढ़कर ₹5.2 प्रति यूनिट पर पहुंचाFY27 में निर्यात का नया रिकॉर्ड बनाने को तैयार भारत, डंपिंग पर लगेगी लगाम; बढ़ेगा घरेलू विनिर्माण: गोयलतेल कंपनियां फिर मुनाफे में, घटा राजस्व नुकसान; पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्यों है सरकार और ब्रोकरेज में रारभारत में जापानी कंपनियों के GCC का दबदबा, 2030 तक अर्थव्यवस्था में दिखेगा बड़ा असर: रिपोर्टबंपर सेल के चलते भीषण गर्मी में भी चमकी FMCG कंपनियां, Q1 में दो अंकों की ग्रोथ की उम्मीद

IT Sector: मजबूत रफ्तार रहेगी बरकरार, भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र 245 अरब डॉलर पर पहुंचेगा

Advertisement

उद्योग वर्ष 2030 तक 500 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन कौशल संबंधित अंतर दूर करने की जरूरत होगी

Last Updated- March 02, 2023 | 8:16 PM IST
Raisina Dialogue 2023: A period of change in electronics, innovation, like-minded countries should come together – Chandrasekhar
BS

जहां भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग मौजूदा अनिश्चित वृहद परिवेश में मजबूत बना हुआ है और वित्त वर्ष 2023 में 245 अरब डॉलर का आंकड़ा छू लेगा, वहीं वित्त वर्ष 2024 के लिए समस्याएं स्पष्ट तौर पर दिख रही हैं। निर्णय लेने की प्रक्रिया में विलंब, मांग पर दबाव और बढ़ते प्रौद्योगिकी विनियमन से इस उद्योग पर प्रभाव पड़ेगा।

यदि आप वित्त वर्ष 2022 के आंकड़ों से तुलना करें तो स्पष्ट पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023 के आंकड़े पहले ही प्रभावित हुए हैं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाली उद्योग संस्था नैसकॉम ने अपनी स्ट्रैटजिक रिव्यू 2023 में वर्ष को ‘प्राइमिंग फॉर ए नो नॉर्मल फ्यूचर’ करार दिया है।

स्ट्रैटजिक रिव्यू में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023 में आईटी सेवा, बीपीएम, सॉफ्टवेयर उत्पादों, ईआरऐंडडी और घरेलू बाजार के विभिन्न सेगमेंट का आकार 194 अरब डॉलर पर पहुंच जाने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2022 के मुकाबले 9.4 प्रतिशत तक की तेजी है।

हालांकि उद्योग आगामी वृद्धि को लेकर किसी तरह के अनुमान को लेकर सतर्कता बरत रहा है। नैसकॉम की अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा, ‘हमें विभिन्न सीईओ से मिल रहे रुझान सतर्क, लेकिन आशावादी हैं। हम जानते हैं कि प्रौद्योगिकी खर्च बढ़ेगा, लेकिन हमें यह भी पता है कि समस्याएं काफी बड़ी हैं। हमारे सदस्य कह रहे हैं कि वित्त वर्ष 2024 समान वर्ष जैसा रहने की संभावना है।’

नैसकॉम के अध्यक्ष कृष्णन रामानुजम ने कहा कि कई अनिश्चितताएं बरकरार हैं। एक सकारात्मक बिंदु यह है कि आईटी उद्योग 54 लाख से अधिक कर्मियों के साथ शुद्ध नियोक्ता बना रहेगा। इस उद्योग में वित्त वर्ष 2023 में 2,90,000 नए रोजगार पैदा हो रहे हैं।

36 प्रतिशत डिजिटली तौर पर कुशल कर्मियों के साथ यह उद्योग वैश्विक तौर पर एआई कौशल के संदर्भ में शीर्ष पर बना हुआ है, वहीं एआई/एमएल बीडीए टेलेंट पूल में दूसरा सबसे बड़ा और क्लाउड पेशेवरों की आपूर्ति के मामले में तीसरे पायदान पर है।

सकारात्मक बात यह है कि ग्लोबल केप्टिव सेंटर्स (जीसीसी) का भारत में लगातार विस्तार हो रहा है। वैश्विक तौर पर लगभग 40 प्रतिशत जीसीसी मौजूदा समय में भारत हैं, जिससे यहां अवसर तेजी से बढ़ने का पता चलता है। भारत ने वर्ष में 65 नए जीसीसी जोड़े, जिसके साथ ही इनकी कुल संख्या बढ़कर 1,570 से ज्यादा हो गई।

Advertisement
First Published - March 2, 2023 | 8:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement