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LokSabha Elections 2024 : चुनावी घोषणा के साथ व्यापारियों को सताने लगा डर

देश में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 50,000 रुपये से कम नकदी साथ लेकर चल रहे हैं तो किसी तरह का दस्तावेज साथ रखने की जरूरत नहीं है।

Last Updated- March 17, 2024 | 9:57 AM IST
Election Commission to announce assembly elections for Delhi today

Loksabha Elections 2024 : चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा चुनावी महाकुंभ की तारीखों का ऐलान करते ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी।

आचार संहिता (Code of conduct) के नियम कायदों के चलते कई बार व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जिसके वजह से कारोबारियों ने चुनाव आयोग से गुहार लगाई है कि चुनाव आचार संहिता के नाम पर व्यापार और व्यापारियों का नुकसान न हो इसका ध्यान रखा जाए ताकि स्वतंत्र और निपष्क्ष चुनाव के साथ अर्थव्यवस्था की गाड़ी भी चलती रहे।

चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद कारोबारी संगठन कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) की तरफ से बयान जारी करके कहा गया कि देश में आम चुनाव होना 5 साल की एक प्रक्रिया है। व्यापार दिन-रात बारह महीने चलते रहता है।

चुनाव में आचार संहिता लगाना अच्छी बात है। उतना ही जरूरी है कि व्यापार जिस तरीके से चलता है वह प्रभावित ना हो, चलता रहे। व्यापार में, शहर के व्यापारी विभिन्न गांवों में, देहातों में, आदिवासी इलाकों की दुकानों में माल भेजते रहते हैं। समय-समय पर दौरा लगाकर अपने पैसे की वसूली करते हैं।

काफी बड़ी रकम उनके पास जमा रहती है। इसी प्रकार सोना- चांदी के व्यापारी व अन्य सामानों के व्यापारी अपनी गाड़ियों में माल भरकर गांव-गांव बेचते हैं। सामान के पैसे जमा करते हैं। इस तरह से व्यापारियों के पास बहुत सारा पैसा और सोना-चांदी आभूषण आदि व्यापार संबंधित रहते हैं। अर्थव्यवस्था को चलाए रखने के लिए यह सब अनिवार्य है।

व्यापारियों का कहना है कि देश में शादियों का मौसम शुरु होने वाला है। ऐसे समय माल की खपत बढ़ जाती है। ग्रामीण क्षेत्र से बहुत से लोग नगद पैसे लेकर शहर में खरीदी करने आते हैं। पैसे का चुनाव में दुरुपयोग ना हो यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है लेकिन अर्थव्यवस्था चलाने के लिए व्यापारियों को नगद, सोने चांदी के आभूषण आदि लेकर यात्रा करना भी जरुरी होता है। इसलिए व्यापार और व्यापारी को प्रभावित न करते हुए आचार संहिता का पालन होना चाहिए।

अगर पैसा या आभूषण ले जाने वाले के पास पैन कार्ड और बाकी दस्तावेज है तो इस प्रकार का सामान मिलने पर एक नोंद कर ली जाए मगर उसका माल जब्त ना हो, बाद में वेरिफिकेशन हो सकता है। गलत मिले तो कार्रवाई भी की जा सकती है। मगर माल जब्त कर लेने से,पैसा जब्त कर लेने से, व्यापार बाधित होता है।

अतः कैट ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वे कोई ऐसा रास्ता निकालें कि सही व्यापारी अगर पैसे या आभूषण लेकर आ जा रहा है तो उसका माल जब्त नहीं किया जाए।

ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा एवं महामंत्री नितिन केडिया ने बताया कि ज्वैलरी उद्योग की लगातार मांग पर कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार की सीबीडीटी चुनाव सेल ने स्पष्ट किया कि चुनाव आचार संहिता के दौरान परिवहन में आभूषण, बुलियन या अन्य मूल्यवान वस्तुओं की कोई जब्ती नहीं होगी यदि वैध दस्तावेज इन कीमती धातुओं को परिवहन करने वाले व्यक्ति के पास हो।
नकदी की लिमिट पहले से ही तय

देश में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 50,000 रुपये से कम नकदी साथ लेकर चल रहे हैं तो किसी तरह का दस्तावेज साथ रखने की जरूरत नहीं है लेकिन 50000 से ज्यादा कैश साथ लेकर चलने के लिए 3 दस्तावेजों की जरुरी हो जाते हैं। खुद का पहचान पत्र, पैसा निकासी की रसीद और पैसा किसलिए और किसके पास जा रहा है। यही चीज सोना-चांदी व दूसरे आभूषणों पर लागू होगी ।

First Published - March 17, 2024 | 9:57 AM IST

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