नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि मंत्रालय लगातार इस कोशिश में लगा है कि एविएशन सेक्टर में कंपटीशन बढ़े। उन्होंने नए खिलाड़ियों को सरकार की मदद से इंडस्ट्री में आने की अपील की। मंत्री ने बताया कि भारत में हवाई यात्रा की डिमांड इतनी तेजी से बढ़ रही है कि हमें ज्यादा एयरलाइंस की जरूरत है।
उन्होंने साफ कहा, “हमने सोचा है कि डिमांड इतनी तेज बढ़ेगी कि हमें और एयरलाइंस चाहिए। भारत आज जिस तरह की ग्रोथ दिखा रहा है, उसके लिए पांच बड़ी एयरलाइंस की जरूरत है। मंत्रालय का पूरा प्रयास यही है कि ज्यादा से ज्यादा एयरलाइंस इंडस्ट्री में आएं।”
नायडू ने यह भी बताया कि पिछले पांच-छह सालों में छोटी एयरलाइंस को काफी सपोर्ट दिया गया है। उनका कहना था कि अब इंडस्ट्री में और प्लेयर्स आने का सही वक्त है। उन्होंने कहा, “हम छोटी एयरलाइंस को भी बढ़ावा दे रहे हैं। ज्यादा खिलाड़ी आएं, यही चाहते हैं। भारत में अभी एयरलाइन शुरू करने का सबसे अच्छा समय है।”
ये बयान ऐसे समय आए जब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कुछ दिनों से उड़ानों में भारी दिक्कत झेल रही है। मंत्री ने कहा कि ये परेशानी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम लागू होने के एक महीने बाद शुरू हुई। एयरलाइन की जिम्मेदारी थी कि क्रू और रोस्टरिंग ठीक से हैंडल करे। मंत्रालय का काम सिर्फ ये चेक करना है कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, और इसमें कोई समझौता नहीं हुआ।
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नायडू ने बताया, “पूरे एक महीने हमने करीबी निगरानी की। एक दिसंबर को इंडिगो के साथ मीटिंग हुई, उनके सारे डाउट क्लियर किए, लेकिन उन्होंने कोई शिकायत नहीं की। सब कुछ नॉर्मल लग रहा था, लेकिन अचानक तीन दिसंबर से ये समस्या सामने आई।”
मंत्री ने माना कि यात्रियों को काफी परेशानी हुई है और इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा। जांच चल रही है। नायडू ने कहा, “यात्रियों को जो दिक्कत हुई, हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं। एविएशन में कोई गड़बड़ी या नियम तोड़ने पर बहुत सख्त कार्रवाई होगी, चाहे एयरलाइन हो, ऑपरेटर हो या कोई व्यक्ति।”
इंडिगो ने पांच दिसंबर को 500 से ज्यादा उड़ानें कैंसल कीं। डीजीसीए ने एयरलाइन को शो कॉज नोटिस भेजा है और आज शाम छह बजे तक जवाब मांगा है, कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी। एफडीटीएल नियमों में रेस्ट पीरियड बढ़ाया गया, नाइट ड्यूटी सीमित की गई और हफ्ते में 48 घंटे की छुट्टी अनिवार्य की गई। हालांकि, समस्या बढ़ने पर डीजीसीए ने शुक्रवार को कुछ छूट दे दी।
नायडू ने जोर देकर कहा कि सरकार के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हम क्रू का खयाल रखते हैं, पायलटों का खयाल रखते हैं, पूरे सिस्टम की सुरक्षा का खयाल रखते हैं और यात्रियों का भी। मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को साफ कह दिया है कि नियमों का पालन करना ही होगा।”