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इंडिगो जुटाएगी 3,000 करोड़ रुपये

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:37 AM IST

देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो रकम जुटाने की तैयारी कर रही है ताकि कोविड वैश्विक महामारी के दौरान यात्रा मांग के ध्वस्त होने जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सके। इस मामले से अवगत लोगों ने यह जानकारी दी। घरेलू बाजार में 52 फीसदी से अधिक बाजार हिस्सेदारी हासिल कर चुकी विमानन कंपनी करीब 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावनाएं तलाश रही है ताकि दीर्घावधि जरूरतों को पूरा करने के लिए बहीखाते को मजबूत किया जा सके।
एक व्यक्ति ने कहा कि इंडिगो रकम जुटाने के तरीके के बारे में बैंकों के साथ चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा कि विमानन कंपनी पात्र संस्थागत निवेश (क्यूआईपी) अथवा राइट्स इश्यू के जरिये रकम जुटा सकती है। इसके अलावा विमानन कंपनी ऋण के लिए बैंकों के साथ करार भी कर सकती है ताकि जरूरत के हिसाब से उधारी ली जा सके।
एक व्यक्ति ने कहा, ‘कंपनी को तत्काल नकदी की कोई आवश्यकता नहीं है। मौजूदा नकदी प्रवाह वित्त वर्ष 2021 के अंत तक के लिए पर्याप्त है। लेकिन वह दीर्घावधि जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोविड वैश्विक महामारी के लंबे खिंचने के प्रभाव से निपटने की तैयारी करना चाहती है।’ कंपनी के प्रवक्ता ने इसे अटकलबाजी करार देते हुए टिप्पणी करने से इनकार किया।
इंडिगो के पास 31 मार्च को 20,400 करोड़ रुपये का नकदी भंडार है जिसमें से 8,900 करोड़ रुपये मुक्त नकदी है। लेकिन कंपनी के नकदी भंडार को दो महीने के लॉकडाउन से तगड़ा झटका लगा है। कंपनी की करीब 40 फीसदी लागत स्थायी श्रेणी की है जिसमें पट्टा किराया, विमानों के रखरखाव की लागत एवं वेतन शामिल हैं।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान विमानन कंपनी का दैनिक खर्च करीब 40 करोड़ रुपये था लेकिन कारोबार सुचारु होने और लागत में कटौती के उपायों के जरिये अब उसमें कमी आई है।
विमानन कंपनी ने 13 विमानों के लिए बिक्री और पट्टा वापस करने जैसी पहल शुरू की है। साथ ही वह पट्टादाताओं एवं वेंडरों से दरें घटाने के लिए बातचीत कर रही है। विमानन कंपनी ने अपना नकदी भंडार बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 2020 के लिए लाभांश भुगतान न करने पर भी विचार कर रही है। इंडिगो अपने पुराने ए320 सीओ विमानों को ए320 नियो विमानों से बदल रही है जिससे रखरखाव लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इंडिगो के सीईओ रणजय दत्ता ने हाल में बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा था, ‘बिक्री एवं पट्टा वापसी के अलावा पुराने विमानों को चरणबद्ध तरीके से बाहर करने, अनुबंधों पर नए सिरे से बातचीत, लाभांश भुगतान न करने जैसे उपायों से विमानन कंपनी को 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी हासिल होने की उम्मीद है।’
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि इस विमानन कंपनी को 2021 की दूसरी छमाही से पहले घरेलू विमानन बाजार में पूर्ण सुधार होने के आसान नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि विमानन कंपनी को उसके लिए तैयारी करने की जरूरत है। विमानन कंपनियों के संगठन आईएटीए ने पिछले सप्ताह चेताया था कि कोरोनावायरस के मामलों में हालिया वृद्धि से हवाई यात्रा में सुधार को नुकसान पहुंच सकता है।
विमानन क्षेत्र पर कोविड वैश्विक महामारी के गंभीर प्रभाव के बावजूद इंडिगो को लेकर विश्लेषकों को नजरिया सकारात्मक है। उनका कहना है कि कमजोर प्रतिस्पर्धियों की बाजार हिस्सेदारी घटने से इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी। इसके अलावा प्रतिस्पर्धी विमानन कंपनियां लगातार नए विमानों की डिलिवरी हासिल कर रही हैं।

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First Published - July 20, 2020 | 12:35 AM IST

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