बीएमडब्लू इंडिया को अपने कंट्री प्रमुख रुद्रतेज सिंह को उनके स्वास्थ्य कारणों से खोना पड़ा था। उसके छह महीने बाद नए अध्यक्ष विक्रम पावह ने उम्मीद जताई है कि कंपनी अपनी प्रवेश स्तर की सिडैन 2 सीरीज के लॉन्च के साथ पटरी पर लौट आएगी।
करीब एक साल के दौरान इस लग्जरी कार से पहली बातचीत में पावह ने उन कयासों को खारिज कर दिया जिनके तहत कहा गया था कि बीएमडब्ल्यू अपनी कारों के लिए एक भारत को प्राथमिकता वाले बाजारों की श्रेणी में नहीं रख रही है। पावह भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाजारों के लिए बीएमडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष हैं। इससे पहले उन्होंने एक फर्म भी चलाई थी।
पावह ने कहा, ‘हम साल की शुरुआत में संकट से गुजरे थे लेकिन भारत हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। बोर्ड (प्रबंधन) ने स्पष्ट कर दिया है कि यह बीएमडब्ल्यू के लिए भविष्य का विकास बाजार बना रहेगा।’ कंपनी 2021 में नवीनतम 5-सीरीज और 6-सीरीज जीटी को लॉन्च करेगी।’ उन्होंने कहा कि बीएमडब्ल्यू एक्स3 एसयूवी के साथ अपने प्लग-इन हाइब्रिड वेरिएंट की शुरुआत करेगी। इसे डीजल और पेट्रोल दोनों वेरिएंट में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हमारा मॉडल लाइनअप अगले साल के लिए आक्रामक होगा और उसमें आगे कहीं अधिक बढ़ोतरी होगी। कंपनी दुनिया भर में 2023 तक करीब 25 इलेक्ट्रिक वाहनों को लॉन्च करने की योजना बना रही है।’
हाल में बीएमडब्ल्यू ने आई3 इलेक्ट्रिक को परीक्षण के तौर पर देश के विभिन्न महानगरों में चलाया है। कंपनी भारत में उन कारों को बेचने की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रही है। भारत में पिछले दो दशक से कारोबार करने के बावजूद इस लक्जरी कार कंपनी की बिक्री में उल्लेखनीय वृदि नहीं दिख रही है। इस बाजार में उसे ऑडी, मर्सिडीज बेंज, जगुआर लैंड रोवर और लेक्सस जैसी अन्य प्रतिस्पर्धियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इस श्रेणी का आकार 50,000 वाहन से कम है। इसके मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में कुल कार बाजार का करीब 18 फीसदी हिस्सा प्रीमियम कार श्रेणी का है। इसकी एक मुख्य वजह प्रमियम कारों पर अधिक कराधान भी है।