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मांग में वृद्धि से इंडियन होटल्स के मुनाफे को मिला बल

इंडियन होटल्स ने 78% की ऑक्यूपेंसी दर दर्ज की जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 210 आधार अंक ज्यादा है जबकि कमरा दर 10.4% तक बढ़कर 14,321 रुपये पर पहुंच गई।

Last Updated- November 10, 2024 | 10:13 PM IST
Hotel sector

वित्त वर्ष 2025 की सुस्त अप्रैल-जून तिमाही के बाद सितंबर तिमाही में भारत की सबसे बड़ी सूचीबद्ध होटल दिग्गज इंडियन होटल्स कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। औसत कमरा दर (एआरआर) में दो अंक की वृद्धि और ऊंची ऑक्यूपेंसी (ग्राहकों के रुकने की दर) की मदद से ताज होटल्स चेन की इस मालिक ने राजस्व में 16 प्रतिशत और परिचालन लाभ में 30 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया। कुल राजस्व 27 प्रतिशत तक बढ़ा, जिसमें एयरलाइन कैटरिंग यूनिट ताजसैट्स एयर कैटरिंग के आंकड़े भी शामिल हैं।

कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों को बाजार ने सराहा और उसका शेयर शुक्रवार को 7 प्रतिशत चढ़ गया। इससे उसका बाजार पूंजीकरण 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

इंडियन होटल्स ने 78 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी दर दर्ज की जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 210 आधार अंक ज्यादा है जबकि कमरा दर 10.4 प्रतिशत तक बढ़कर 14,321 रुपये पर पहुंच गई। इससे उपलब्ध प्रति कमरा राजस्व (रेवपार) में 13.4 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला और यह 11,163 रुपये रहा। कई होटल 80 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के नजदीक पहुंच गए जिनमें से कई की वृद्धि को कमरा दरों में इजाफे से मदद मिली।

प्रबंधन का कहना है कि होटल व्यवसाय को आपूर्ति-मांग में असंतुलन और अनुकूल जनसांख्यिकी से बल मिला। दूसरी तिमाही में मांग 7 प्रतिशत तक बढ़ी जबकि आपूर्ति में महज 2 प्रतिशत इजाफा हुआ। कंपनी के सभी ब्रांडों ने सालाना आधार पर प्रति उपलब्ध कमरा राजस्व में दोहरे अंक में वृद्धि दर्ज की। यह रुझान बरकरार रहने की उम्मीद है।

मोतीलाल ओसवाल में विश्लेषक सुमंत कुमार को वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। इसकी वजह कंपनी को शादियों के व्यस्त सीजन (पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा शादी मुहूर्त होने), बढ़ते मुक्त व्यापार समझौतों और ‘बैठकों, प्रोत्साहन, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन’ (एमआईसीई) सेगमेंट में बढ़ोतरी से मदद मिलेगी।

इन रुझानों को ध्यान में रखते हुए इंडियन होटल्स ने अपने 25,230 कमरों के पोर्टफोलियो को बढ़ाने की योजना बनाई है। इनमें 14,145 कमरे उसके स्वामित्व वाले हैं जबकि बाकी का वह प्रबंध करती है। कंपनी का लक्ष्य अगले चार से पांच साल में 17,354 कमरे जोड़ने का है। इनमें 3,532 स्वामित्व वाले होंगे जबकि 13,822 का वह प्रबंध करेगी।

वित्त वर्ष 2025 के बाद कंपनी को बढ़ती खर्च योग्य आय, नए पर्यटन स्थलों और बदलते यात्री व्यवहार से मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। इन रुझानों को ध्यान में रखते हुए इलारा कैपिटल ने इस शेयर पर अपनी रेटिंग ‘बेचें’ से बदलकर ‘एकत्रित करें’ कर दी है।

इलारा के विश्लेषक प्रशांत बियाणी का कहना है, ‘इंडियन होटल्स हमारे पिछले अनुमान की तुलना में मजबूत मांग की ज्यादा बड़ी लाभार्थी नजर आ रही है।’

मजबूत कारोबारी वृद्धि और ताजसैट्स के समेकन को ध्यान में रखते हुए इलारा ने वित्त वर्ष 2025 और 2025-26 के लिए राजस्व और परिचालन मुनाफा अनुमान 20-21 प्रतिशत तथा 23-24 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने मजबूत मांग, प्रभावी परिसंपत्ति प्रबंधन और कॉरपोरेट दर वृद्धि की मदद से एआरआर में तेजी को ध्यान में रखते हुए अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी है। अनुकूल मांग-आपूर्ति परिदृश्य के कारण ऊंचे ऑक्यूपेंसी स्तर और 2027-28 तक स्वामित्व/पट्टे पर लिए गए और प्रबंधित होटलों में कमरों की मजबूत वृद्धि से से भी मदद मिलेगी।

वृद्धि के अन्य वाहकों में प्रबंधन अनुबंधों से ऊंची आय और नए तथा पुनर्निर्मित ब्रांडों के विस्तार के माध्यम से मूल्य वृद्धि शामिल हैं। राजस्व वृद्धि के साथ साथ कंपनी को मार्जिन में सुधार की भी उम्मीद है। तिमाही में समेकित मार्जिन 269 आधार अंक तक सुधरकर 27.5 प्रतिशत हो गया क्योंकि इसे बेहतर लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता से मदद मिली। फिलिपकैपिटल के विश्लेषकों के अनुसार भविष्य में परिचालन मुनाफा मार्जिन को अंतरराष्ट्रीय होटल पोर्टफोलियो में नुकसान घटने से फायदा होगा।

First Published - November 10, 2024 | 10:13 PM IST

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