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IL&FS ने दिवालिया कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए NCLT का रुख किया

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श्रेणी-2 के तहत आने वाली समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए IL&FS के अंतरिम आवेदन पर इस सप्ताह की शुरुआत में अंतिम सुनवाई हुई।

Last Updated- March 24, 2024 | 3:23 PM IST
IL&FS ने दिवालिया कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए NCLT का रुख किया , IL&FS seeks nod to sell insolvent companies without shareholders' approval

आईएलएंडएफएस समूह (IL&FS Group) ने शेयरधारकों की मंजूरी के बिना कुछ कटौती (हेयरकट) के साथ अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए NCLT का रुख किया है। इन दिवालिया कंपनियों को गैर-टिकाऊ ऋण के साथ समाधान ढांचे की श्रेणी-2 के तहत रखा गया है।

श्रेणी-2 के तहत आने वाली समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए IL&FS के अंतरिम आवेदन पर इस सप्ताह की शुरुआत में अंतिम सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLT) से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इन कंपनियों के लिए मिली अधिकतम बोली उनके कर्ज से कम है। ऐसे में ऋणदाताओं के साथ ही शेयरधारकों को भी अपने संबंधित ऋण और इक्विटी में कटौती करनी होगी।

Also read: AI स्टार्टअप में Maruti Suzuki ने किया निवेश, Amlgo Labs में होगी 6 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी

IL&FS ने कहा कि यदि ऐसा किया गया तो इससे हितधारकों के हितों को संतुलित करने के साथ ऐसी इकाइयों के पुनरुद्धार का रास्ता भी साफ होगा। IL&FS ने कहा कि ऐसी कंपनियों का समाधान आईबीसी के तहत अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के अनुरूप है, जहां शेयरधारकों की मंजूरी लेने की जरूरत को खत्म कर दिया गया है।

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First Published - March 24, 2024 | 3:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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