तेल, साबुन और शैंपू जैसे दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) का एकीकृत शुद्ध लाभ जून 2022 को समाप्त पहली तिमाही में 13.85 फीसदी बढ़कर 2,391 करोड़ रुपये पर पंहुच गया। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में कंपनी को 2,100 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
एचयूएल ने मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 20.36 फीसदी बढ़कर 14,757 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 12,260 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च 20.79 फीसदी बढ़कर 11,531 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 9,546 करोड़ रुपये था।
एचयूएल के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक संजीव मेहता ने कहा, ‘उच्च मुद्रास्फीति और खपत पर उसके प्रभाव के साथ चुनौतीपूर्ण परिवेश में जून तिमाही के दौरान आय और लाभ के मामले में हमारा प्रदर्शन बेहतर रहा है।’
परिदृश्य के बारे में उन्होंने कहा, ‘हालांकि मुद्रास्फीति को लेकर चिंता बरकरार है लेकिन हाल में जिंसों के दाम में नरमी, मॉनसून के सामान्य रहने की भविष्यवाणी और सरकार की तरफ से किये गये मौद्रिक/ राजकोषीय उपाय उद्योग के लिये बेहतर हैं।’
मेहता ने कहा, ‘हमें भारतीय एफएमसीजी क्षेत्र के लिए मध्यम से लंबी अवधि की संभावनाओं के प्रति आश्वस्त हैं। इसलिए हम एक सुसंगत, प्रतिस्पर्धी, लाभदायक और भरोसेमंद वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’
एचयूएल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसके होमकेयर श्रेणी ने 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जिसे फैब्रिक वॉश और हाउसहोल्ड केयर श्रेणी के दमदार प्रदर्शन से बल मिला। इन दोनों श्रेणियों में उच्च दो अंकों में वृद्धि दर्ज की गई।
एचयूएल का शेयर आज बीएसई पर 0.52 फीसदी की बढ़त के साथ 2,566 रुपये पर बंद हुआ।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का शुद्ध लाभ 80 फीसदी बढ़ा
निजी क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 79.6 फीसदी बढ़कर 349 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 194 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। तिमाही के दौरान कंपनी सकल प्रीमियम आय एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 28.2 फीसदी बढ़कर 5,370 करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान अंडरराइटिंग नुकसान घटकर 193.28 करोड़ रुपये रह गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 624.92 करोड़ रुपये रहा था।
तिमाही के दौरान कंपनी के प्रोफाइल में स्वास्थ्य बीमा का योगदान 22 फीसदी से बढ़कर 28 फीसदी हो गया। कंपनी का शेयर आज 0.51 फीसदी की गिरावट के साथ 1,268.85 रुपये पर बंद हुआ।