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एचयूएल को विलय से फायदा मगर मुनाफे में कमी

Last Updated- December 15, 2022 | 4:32 AM IST

देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता वस्तु कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) की पहली तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। 30 जून को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे पर जीएसके के विलय का असर साफ दिखा। एचयूएल में जीएसके का विलय 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कर पूर्व मुनाफा सालाना आधार पर 6 प्रतिशत कम होकर 2,411 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 4.4 प्रतिशत बढ़कर 10,560 करोड़ रुपये हो गया।
जीएसके के कंज्यूमर न्यूट्रीशन (पोषण) ब्रांड के विलय से एचयूएल को राजस्व में इजाफा दर्ज करने में मदद मिली। इससे पहले ब्लूमबर्ग ने पहली तिमाही में एचयूएल का राजस्व 9,880 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन कंपनी का आंकड़ा इससे अधिक रहा।
जीएसके के कंज्यूमर न्यूट्रीशन ब्रांडों में हॉर्लिक्स, बूस्ट, माल्टोवा और वीवा शामिल हैं। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्रीनिवास फाटक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आयोजित संवाददाता सम्मेलन में माना कि अगर जीएसके के योगदान को नजरअंदाज करें तो एचयूएल का कुल राजस्व पहली तिमाही में 7 प्रतिशत फिसला है, जबकि बिक्री का आंकड़ा भी 8 प्रतिशत कम हो गया। उनके बयान से कोविड-19 और देशव्यापी लॉकडाउन से कंपनी के कारोबार को हुए नुकसान का पता चलता है।
हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की बिक्री में 8 प्रतिशत कमी खराब नहीं मानी जा सकती क्योंकि बाजार ने इसमें कम से कम 11-13 प्रतिशत तक कमी आने का अंदेशा जताया था। मार्च तिमाही में एचयूएल की बिक्री 8 प्रतिशत कमजोर रही थी। इससे पहले अक्टूबर-दिसंबर 2016 तिमाही में नोटबंदी के बाद कंपनी के लिए बिक्री का आंकड़ा 4 प्रतिशत लुढ़क गया था। जून तिमाही में एचयूएल का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7.2 प्रतिशत बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया। ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों के अनुमान 1,772 करोड़ रुपये यह थोड़ा अधिक ही रहा। हालांकि पहली तिमाही में परिचालन मुनाफा 0.1 प्रतिशत कम होकर 2,644 करोड़ रुपये रह गया, जबकि परिचालन मार्जिन एक वर्ष पहले के 26.2 प्रतिशत से कम होकर 25 प्रतिशत रह गया।
कंपनी ने कहा, ‘विभिन्न चुनौतियों और कोविड-19 से जुड़ी लागत से निपटने में उसकी जमा बचत काम आई और जीएसके कंज्यूमर के विलय से भी मिली।’ ग्रामीण क्षेत्रों में पहली तिमाही में बिक्री में सुधार जरूर दिखा, लेकिन एचयूएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव मेहता ने भविष्य में कारोबारी गतिविधियों के बारे में कोई अनुमान जाहिर करने से इनकार कर दिया।
मेहता ने कहा कि मांग की स्थिति पर कुछ कहने से पहले सितंबर तिमाही तक इंतजार करना होगा। एचयूएल की कुल बिक्री में ग्रामीण क्षेत्रों का योगदान 40 प्रतिशत होता है।

First Published - July 21, 2020 | 10:57 PM IST

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