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एचडीएफसी एएमसी का लाभ घटा

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Last Updated- December 15, 2022 | 4:23 AM IST

एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) ने 2020-21 की पहली तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कर पूर्व लाभ में 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की। जून तिमाही में कंपनी का कर पूर्व लाभ 380.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का कर पश्चात लाभ हालांकि सालाना आधार पर 4 फीसदी बढ़कर 302 करोड़ रुपये रहा।
फंड हाउस की तिमाही औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां जून तिमाही में 3.56 लाख करोड़ रुपये रही। देश के दूसरे सबसे बड़े फंड हाउस की बाजार हिस्सेदारी जून तिमाही में 14.5 फीसदी रही। यह जून तिमाही में फंड हाउस के तिमाही औसत प्रबंधनाधीन परिसंपतियों के आधार पर है। वैयक्तित निवेशक के क्षेत्र में फंड हाउस की बाजार हिस्सेदारी जून में 14.6 फीसदी रही और इक्विटी में तिमाही औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 1.29 लाख करोड़ रुपये थी। इक्विटी में उसकी बाजार हिस्सेदारी 14.5 फीसदी रही। इसमें इंडेक्स फंडों की परिसंपत्तियां शामिल नहीं है।
इक्विटी ओरिएंटेड परिसंपत्तियों और गैर-इक्विटी ओरियंटेड परिसंपत्तियोंं का अनुपात 39:61 रहा जबकि उद्योग का औसत 38:62 है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का कर पूर्व लाभ 101 करोड़ रुपये
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र का कर पूर्व लाभ जून 2020 में समाप्त तिमाही में 101.13 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल की समान अवधि में बैंक ने 262.67 करोड़ रुपये का कर पूर्व नुकसान दर्ज किया था।
बैंक का शुद्ध लाभ हालांकि इस अवधि में बढ़कर 101.02 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 81.09 करोड़ रुपये रहा था। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी ए एस राजीव ने कहा, शुद्ध ब्याज आय में इजाफा और प्रावधान में कमी से बैंक को शुद्ध लाभ में सुधार लाने में मदद मिली।
पुणे के इस बैंक का शेयर बीएसई पर 2.15 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 11.87 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। बैंक की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 9.14 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,088 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 997 करोड़ रुपये रही थी। पहली तिमाही में प्रावधान घटकर 608.9 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 920.7 करोड़ रुपये रहा था।
बैंक ने पहली तिमाही में 275 करोड़ रुपये का कोविड-19 से संबंधित प्रावधान किया है। लेनदार अब तक संचयी तौर पर 425 करोड़ रुपये का प्रावधान कोविड के लिए कर चुका है, जो आरबीआई के नियमों से ज्यादा है।
बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात जून तिमाही में सुधरकर 85.62 फीसदी हो गया, जो जून 2019 में 81.24 फीसदी था। मार्च 2020 की तिमाही में यह 83.97 फीसदी था। बैंंक ने एक बयान में यह जानकारी दी।
बैंक का सकल एनपीए पहली तिमाही में 10.93 फीसदी रहा, जो पहले 17.9 फीसदी रहा था। शुद्ध एनपीए घटकर 4.1 फीसदी रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 5.98 फीसदी था।

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First Published - July 24, 2020 | 12:23 AM IST

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