Ola Electric के लिए नए साल में सेलिब्रेट करने के लिए दो बड़े कारण मिल गए हैं। एक तो बहुचर्चित ओला इलेक्ट्रिक का आईपीओ, वहीं दूसरी बड़ी खबर है कि ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) देश में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के लिए मंजूरी पाने वाली पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी बन गई है।
बता दें, देश के भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) ने सर्टिफाई किया है कि ओला इलेक्ट्रिक PLI योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए पात्र है। बता दें, यह खबर हम मनीकंट्रोल के हवाले से दे रहे हैं। मनी कंट्रोल ने अपनी एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले सोर्सेज के हवाले से ये जानकारी साझा की है।
‘सोर्सेज के मुताबिक ओला इलेक्ट्रिक को सर्टिफिकेशन 27 दिसंबर को दिया गया। पूरी प्रक्रिया में 4 महीने लग गए। PLI स्कीम के लिए आवेदन करने वालों में हीरो मोटोकॉर्प, टीवीएस मोटर कंपनी और बजाज ऑटो जैसे कई अन्य नाम शामिल हैं।’
OLA electric का IPO
OLA इलेक्ट्रिक के संस्थापक भवीश अग्रवाल ई-वाहन निर्माता कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के तहत निजी क्षमता में (उनके पास 1.36 अरब शेयर हैं) में से 3.48 फीसदी शेयर बेचने की तैयारी में हैं।
IPO के 440 पृष्ठों के विवरण (डीआरएचपी) के विश्लेषण के अनुसार अग्रवाल फर्म के IPO से पहले सॉफ्टबैंक के निवेश वाली इस फर्म में तकरीबन 4.74 करोड़ शेयर बेचेंगे।
बिक्री की पेशकश (ओएफएस) वाले शेयरों में करीब आधी हिस्सेदारी इनकी रहेगी। IPO से पहले कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 36.94 फीसदी है। यह पहली बार है कि अग्रवाल किसी कंपनी का IPO ला रहे हैं। उद्योग सूत्रों के मुताबिक कंपनी साल 2024 की शुरुआत तक सात से आठ अरब डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य तय करके चल रही है।
कंपनी ने 22 दिसंबर को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना डीआरएचपी दाखिल किया है। इसमें 5,500 करोड़ तक के इक्विटी शेयरों का ताजा निर्गम और 10 रुपये के अंकित मूल्य पर 9.5 करोड़ से अधिक के इक्विटी शेयर हैं।
बिक्री करने वाले अन्य शेयरधारकों में इंडस ट्रस्ट, अल्फा वेव वेंचर्स, अल्पाइन अपॉर्चुनिटी फंड, डीआइजी इन्वेस्टमेंट, इंटरनेट फंड-3 (टाइगर ग्लोबल), मैकरिची इन्वेस्टमेंट्स, मैट्रिक्स पार्टनर्स, सॉफ्टबैंक विजन फंड और टेकने प्राइवेट वेंचर्स शामिल हैं।
सॉफ्टबैंक 2.38 करोड़ इक्विटी शेयर बेच रही है। यह फर्म कुल मिलाकर 1,100 करोड़ रुपये के नकद मूल्य पर इक्विटी शेयरों के प्री-IPO प्लेसमेंट पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा किया जाता है, तो नये निर्गम का आकार उस राशि से कम हो जाएगा।