facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

काकीनाड़ा में जीएमआर अंदर, ओएनजीसी बाहर

Last Updated- December 07, 2022 | 7:04 AM IST

बुनियादी ढांचा क्षेत्र की बेंगलुरु की प्रमुख कंपनी जीएमआर तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की काकीनाड़ा रिफाइनरी खरीदेगी। इस रिफाइनरी के साथ पास ही ओएनजीसी का पेट्रोकैमिकल संयंत्र भी है।


ओएनजीसी ने इस परियोजना को लाभकारी बनाने के लिए आंध्र प्रदेश की सरकार से 16,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी थी। लेकिन राज्य सरकार ने ओएनजीसी को यह वित्तीय सहायता देने से साफ मना कर दिया।

ओएनजीसी ने सितंबर 2006 में आंध्र सरकार के साथ इस रिफाइनरी को लगाने के लिए समझौता कि या था। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘यह हमारे लिए एक गैर मुनाफे वाली परियोजना होती। इसीलिए हम इस परियोजना से अलग हो रहे हैं।’

हालांकि जीएमआर के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक जीएमआर को इस बारे में आधिकारिक तौर पर काई सूचना नहीं मिली है। जीएमआर इस रिफाइनरी के लिए कितने रुपये खर्च करेगी इस बात का खुलासा दोनों में से किसी भी कंपनी ने नहीं किया।

ओएनजीसी के अधिकारी ने कहा, ‘रिफाइनरी हमारा कारोबार नहीं है। हम अपना ध्यान तेल के उत्खनन और उत्पादन पर ही देंगे।’ उन्होंने बताया, ‘राज्य सरकार हमें छूट देने के लिए तैयार नहीं थी और हम बिना इस छूट के इस परियोजना को शुरू नहीं कर सकते थे। राज्य सरकार चाहती थी कि हम इस परियोजना से हट जाएं तो हम हट गए।’

शुरुआती दौर के अध्ययनों में ही पता चल गया था कि यह रिफाइनरी कंपनी के लिए गैर लाभकारी होगी। लेकिन मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा को इस रिफाइनरी को काकीनाड़ा में ही स्थापित करने के लिए मनाया था।

First Published - June 23, 2008 | 11:20 PM IST

संबंधित पोस्ट