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राजस्व सुधार में GenAI के योगदान में लगेगा वक्त: LTIMindree के CEO और MD देवाशिष चटर्जी

एलटीआईमाइंडट्री के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक देवाशिष चटर्जी ने बातचीत में आगामी योजनाओं, 10 अरब डॉलर के लक्ष्य और मुंबई में जेनएआई अवसरों पर बात की।

Last Updated- April 11, 2024 | 10:24 PM IST
LTIMindree CEO & MD Debashis Chatterjee

जब 2022 में एलऐंडटी इन्फोटेक और माइंडट्री के विलय की घोषणा की गई थी तो मकसद यह था कि विलय के बाद गठित इकाई बड़े सौदों पर ध्यान देगी। एलटीआईमाइंडट्री के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक देवाशिष चटर्जी के अनुसार इस विलय में कोई खामी नहीं थी। उन्होंने शिवानी शिंदे से बातचीत में आगामी योजनाओं, 10 अरब डॉलर के लक्ष्य और मुंबई में जेनएआई अवसरों पर बात की। बातचीत के मुख्य अंश:

विलय को पूरे हुए करीब एक साल हो गया है। आप आगे की राह कैसी देख रहे हैं?

विलय का उद्देश्य यह था कि समूह में दो सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियां हो गई हैं और कभृकभी इन दोनों को साथ आना पड़ेगा। चूंकि इसकी नींव ए एम नाइक (एलऐंडटी के पूर्व अध्यक्ष) ने रखी थी औऱ उन्होंने कहा था कि इन कंपनियों का विलय तब किया जाना चाहिए जब दोनों अपने अपने तरीके से अच्छा काम कर रही हों। एकीकरण योजना पर बगैर किसी चूक के अमल किया गया था।

लेकिन मैं नहीं मानता कि किसी ने कभी सोचा होगा कि बाजार वहां पहुंचेगा, जहां आज वह है। उद्योग उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरा है और ये मंदी लंबे समय तक नहीं रही है। हालांकि यह सिद्धांत इस समय गलत साबित हुआ है।

आपने 10 अरब डॉलर के लक्ष्य के बारे में बात की है। इसकी कोई समय-सीमा है?

10 अरब डॉलर एक महत्त्वाकांक्षा है। इसी आकांक्षा के साथ हमने माइंडट्री को खरीदा और हम अभी जहां हैं, वहीं नहीं अटके रहना चाहते। हम 4 अरब डॉलर का उद्यम हैं और विलय-अधिग्रहण के विकल्पों पर आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। हमने इसके लिए कोई समय-सीमा कभी नहीं बताई।

अभी इसमें थोड़ा लंबा समय लगेगा। 10 अरब डॉलर के लक्ष्य में मौजूदा कारोबार के विकास एवं विलय-अधिग्रहण का योगदान होगा। लेकिन हम सिर्फ दायरा बढ़ाने के लिए अधिग्रहण नहीं करेंगे।

क्या पिछले तीन महीनों में ग्राहक धारणा में बदलाव आया है?

जहां तक ग्राहकों के साथ हमारी बातचीत का सवाल है, तो इसमें कोई बदलाव नहीं आया है। ज्यादातर बातचीत कुशलता से जुड़ी हुई है। मैं नहीं मानता कि बातचीत में बड़ा बदलाव आ रहा है। बाजार में अत्यधिक सतर्कता है, लेकिन ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भी हम अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं।

इसका एक उदाहरण अरामको के साथ हमारा संयुक्त उपक्रम है। यह हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त उपक्रम है, क्योंकि यह सऊदी अरब के विजन 2030 के अनुरूप है। यह संयुक्त उपक्रम डेटा, एआई डिजिटल सेवा और जेनएआई में स्थापित किया जाना है।

क्या जेनएआई ऐसा अवसर होगा जिसकी उद्योग को सख्त जरूरत है?

अभी शुरुआत है। लेकिन इस तकनीक में व्यापक संभावनाएं हैं। जेनएआई शायद तीन क्षेत्रों में काम करेगी। पहला है उन ग्राहकों के लिए यूज केस तैयार करना, जिनके राजस्व के बिजनेस मॉडल में हम बदलाव ला सकते हैं। दूसरा है उत्पादकता और दक्षता।

तीसरा है इंजीनियरिंग के लिए जेनएआई का लाभ उठाना, जिसमें कोड कन्वर्जन, ऑटोमेटेड टेस्टिंग आदि शामिल हैं। इन तीन में, अगर मैं राजस्व के संदर्भ में विचार करूं तो यह अभी शुरुआती दिनों में है।

जेनएआई के परिदृश्य में एलटीआईमाइंडट्री की स्थिति कैसी है?

कुछ साल पहले शुरू की गई डेटा एवं एनालिटिक्स सर्विस लाइन अब हमारी सबसे बड़ी सर्विस लाइन में से एक के रूप में उभरी है। जेनएआई हमारे सभी बड़े सौदों से जुड़ा हुआ है और संपूर्ण ऑर्डर प्रवाह में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। पिछली तिमाही में हम अपने ग्राहकों के साथ 100 से ज्यादा चर्चा और 20 से ज्यादा सक्रिय बातचीत में शामिल रहे।

First Published - April 11, 2024 | 10:24 PM IST

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