Adani-Hindenburg Verdict: अरबपति बिजनेसमैन गौतम अदाणी (Gautam Adani) ने हिंडनबर्ग मामले पर सुप्रीम कोर्ट (SC) के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ‘सचाई की जीत’ हुई है और उनका ग्रुप भारत की वृद्धि की कहानी में योगदान देना जारी रखेगा।
सुप्रीम कोर्ट (SC) ने हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप (Adani group) की कंपनियों के खिलाफ लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों की जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर आज यानी 3 जनवरी को अपना फैसला सुनाया।
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अदाणी ग्रुप के खिलाफ आरोपों की विशेष जांच दल (SIT) या केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी (CBI) से जांच का आदेश देने का कोई आधार नहीं है।
गौतम अदाणी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिखाता है कि सचाई की जीत हुई है। ‘‘सत्यमेव जयते।’’
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उन्होंने कहा, “मैं उन लोगों का आभारी हूं जो हमारे साथ खड़े रहे। अदाणी ने कहा कि भारत की वृद्धि की कहानी में हमारा विनम्र योगदान जारी रहेगा। जय हिंद।”
The Hon'ble Supreme Court's judgement shows that:
Truth has prevailed.
Satyameva Jayate.I am grateful to those who stood by us.
Our humble contribution to India's growth story will continue.
Jai Hind.
— Gautam Adani (@gautam_adani) January 3, 2024
याचिकाकर्ताओं को झटका देते हुए देश की टॉप अदालत ने तीसरे पक्ष की रिपोर्ट पर निर्भरता को खारिज कर दिया और विशवास जताया कि सेबी इस मामले को संभालने में सक्षम है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप की कंपनियों की जांच बाजार नियामक सेबी से छीनने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने साथ ही भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को दो लंबित मामलों की जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया।
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मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने 24 नवंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने साथ ही कहा कि सेबी के नियामक ढांचे में मामले में प्रवेश करने की अदालत की शक्तियां सीमित है।