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एनसीएलटी से फ्यूचर रिटेल को जवाब के लिए वक्त

Last Updated- December 11, 2022 | 7:01 PM IST

राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) के मुंबई पीठ ने गुरुवार को फ्यूचर रिटेल को आईबीसी की धारा 7 के तहत कंपनी के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर दिवालिया याचिका के लिए अपना जवाब सौंपने के संबंध में ज्यादा समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 6 जून को होगी।  
इस बीच, ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन ने इस मामले में आईबीसी की धारा 65 के तहत दखल आवेदन दायर कराया है, जिसका उन आधारों पर बैंक द्वारा विरोध किया गया है कि इस मामले में उनका कोई महत्व नहीं है, क्योंकि वे कंपनी के लेनदार नहीं हैं। एमेॉन ने आरबीआई को लिखे पत्र में भी फ्यूचर रिटेल और बैंकों द्वारा उसके अधिकारों का उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया है। अपने पत्र में उसने कहा है कि फ्यूचर रिटेल को दिवालिया प्रक्रिया में जाने की अनुमति नहीं जानी चाहिए, क्योंकि इससे उसके अधिकार और ज्यादा प्रभावित होंगे।
कॉरपोरेट देनदार फ्यूचर रिटेल ने यह कहते हुए दिवालिया याचिका का जवाब देने के लिए और समय मांगा कि उसके कई निदेशकों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इसके अलावा उसने कंपनी को बैंकों द्वारा भेजे गए चूक संबंधित नोटिसों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर लिखित याचिका का भी जिक्र किया।
1 जनवरी, 2022 को कंपनी और उसके ऋणदाताओं ने छोटे आकार के स्टोरों की बिक्री के लिए परिसंपत्ति बिक्री समिति बनाने पर सहमति जताई थी और इसके तहत अपना बकाया वसूलने की तैयारी की थी।
फ्यूचर रिटेल का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता श्याम कपाडिय़ा ने कहा, ‘सर्वोच्च न्यायालय ने कोई अंतरिक आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन उसने लिखित याचिका का संज्ञान लिया है और मामले को स्थगित कर दिया है।’
कपाडिय़ा ने कहा कि इसलिए मामले को आज ही स्वीकार किए जाने की जरूरत नहीं है और कॉरपोरेट देनदार को जवाब देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
 

First Published - May 13, 2022 | 1:07 AM IST

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